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खुद के अपहरण की कहानी रचने वाला डॉक्टर मिला

उज्जैन  28 फरवरी 2021 । 24 फरवरी को देवासगेट बस स्टैंड से माकड़ोन क्लिनिक जाने के लिये निकला पशु चिकित्सक वापस घर नहीं लौटा। उसके पिता ने देवासगेट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई और रुपयों के लिये अपहरण की आशंका जाहिर की थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। शुक्रवार को उसके पिता इंदौर रोड़ से उसे घर ले आये और रात में थाने पहुंचकर पुलिस को बयान दर्ज कराये।

पुलिस ने बताया कि विकास पिता रामकृष्ण शर्मा 35 वर्ष निवासी लोटसग्रीन कॉलोनी मक्सी रोड पशु चिकित्सक है और पिछले दो वर्षों से माकड़ोन अस्पताल में पदस्थ है। 24 फरवरी को उसके पिता रामकृष्ण ने थाने पहुंचकर बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई और पुलिस को बताया था कि बहू के मोबाइल पर ईश्वर नामक व्यक्ति का मैसेज आया था। विकास से रुपयों की मांग की जा रही थी। संभवत: बदमाशों ने उसका अपहरण किया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए देवासगेट व अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जिसमें स्पष्ट हुआ कि विकास माकड़ोन जाने के लिये बस में नहीं बैठा बल्कि पैदल बस स्टैंड से निकलकर मैजिक में बैठा था। यहां से वह नानाखेड़ा बस स्टेण्ड पहुंचा था। यहीं पर उसका मोबाइल भी स्वीचऑफ हो गया। उसकी आखिरी लोकेशन भी नानाखेड़ा क्षेत्र में ही मिली थी।

अस्पताल के सहकर्मियों ने बताया- 10 दिनों से नहीं आया था ड्यूटी

देवासगेट थाना प्रभारी पृथ्वीसिंह खलाटे ने बताया कि पशु चिकित्सक विकास मूलत: ग्वालियर का रहने वाला है। माकड़ोन के पशु चिकित्सालय में पोस्टिंग होने के बाद वह दो वर्षों से उज्जैन में पत्नी व बेटी के साथ रह रहा है। कुछ महीनों पहले ही उसने लोटसग्रीन कालोनी में करीब 20 लाख रुपये का नया मकान भी खरीदा है। उसकी गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस टीम को माकड़ोन भेजा और उसके सहकर्मियों के बयान लिये जिसमें पता चला कि विकास 10 दिनों में एक बार अस्पताल पहुंचा था।

माकड़ोन में एक नाम के 15 लोग

टीआई खलाटे के अनुसार विकास की पत्नी के पास जिस नंबर से मैसेज आया था उसमें ईश्वर नाम सामने आया। इस नाम के व्यक्ति की माकड़ोन में तलाश की गई तो पता चला कि इस नाम के 15 लोग हैं। हालांकि बाद में यह भी स्पष्ट हो गया कि विकास ने दूसरी सिम खरीदकर अपने व पत्नी के मोबाइल पर मैसेज किये थे।

पिता को फोन कर बुलाया इंदौर रोड

विकास ने शुक्रवार को पिता के मोबाइल पर कॉल किया और बताया मैं इंदौर रोड स्थित होटल के पास हूं, लेने आ जाओ। उसके पिता रामकृष्ण पुलिस को सूचना दिये बगैर उसे लेने इंदौर रोड पहुंच गये और घर ले आये। जब पुलिस को जानकारी मिली कि विकास लौट आया है तो पुलिस ने पिता के साथ बयान देने थाने बुलाया।

पिता ने कहा- बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं

रामकष्ण शर्मा से मामले को लेकर चर्चा की गई तो उनका कहना था कि बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसका न्यूरो सर्जन से उपचार भी चल रहा है। मुझे उसी ने फोन पर सूचना दी थी तो हम उसे इंदौर रोड़ से लेकर आये हैं और वह बयान देने की स्थिति में नहीं है।

कर्जे का हो सकता है मामला

टीआई खलाटे के मुताबिक नई सिम खरीदकर स्वयं और पत्नी के मोबाइल पर रुपयों के फर्जी मैसेज करना, घर से लापता होना और अपहरण की कहानी बनाना फिर मानसिक स्थिति ठीक न बताकर बयान देने में आनाकानी करने से स्पष्ट होता है कि मामला कर्जे अथवा अन्य का हो सकता है जिसकी जांच की जायेगी।

जीवनसाथी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना मानसिक क्रूरता के समान- SC का अहम बयान

उच्चतम न्यायालय ने एक सैन्य अधिकारी का उसकी पत्नी से तलाक मंजूर करते हुए कहा कि जीवनसाथी के खिलाफ मानहानिकारक शिकायतें करना और उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना मानसिक क्रूरता के समान है.

न्यायमूर्ति एस के कौल के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने टूटे हुए संबंध को मध्यमवर्गीय वैवाहिक जीवन की सामान्य टूट-फूट करार देकर अपने निर्णय में त्रुटि की.

पीठ ने कहा, यह निश्चित तौर पर प्रतिवादी द्वारा अपीलकर्ता के खिलाफ क्रूरता का मामला है और उच्च न्यायालय के फैसले को दरकिनार करने तथा परिवार अदालत के फैसले को बहाल करने के लिए पर्याप्त औचित्य पाया गया है.

इसने कहा, तदनुसार अपीलकर्ता अपनी शादी को खत्म करने का हकदार है और वैवाहिक अधिकारों की बहाली का प्रतिवादी का आवेदन खारिज माना जाता है. तदनुसार यह आदेश दिया जाता है.

सैन्य अधिकारी ने एक सरकारी स्नातकोत्तर कॉलेज में संकाय सदस्य अपनी पत्नी पर मानसिक क्रूरता का आरोप लगाकर तलाक मांगा था. दोनों की शादी 2006 में हुई थी. वे कुछ महीने तक साथ रहे, लेकिन शादी की शुरुआत से ही उनके बीच मतभेद उत्पन्न हो गए और वे 2007 से अलग रहने लगे. पीठ में न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय भी थे.

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