मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> जिन दस्तावेजों के बूते राहुल गांधी को बताया गया ब्रिटिश, उनमें ही लिखी है ‘भारतीय’ नागरिकता !

जिन दस्तावेजों के बूते राहुल गांधी को बताया गया ब्रिटिश, उनमें ही लिखी है ‘भारतीय’ नागरिकता !

नई दिल्ली 2 मई 2019 । चुनावी सरगर्मियों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कानूनी पचड़ों में भी उलझे हुए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से केंद्र सरकार ने पूछा है कि वो भारतीय नागरिक हैं या फिर ब्रिटिश. गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी से दो हफ्ते में स्थिति साफ करने को कहा है. मंत्रालय ने नोटिस में लिखा है-

सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने बताया है कि यूके में रजिस्टर्ड बैकॉप्स लिमिटेड में आप (राहुल गांधी) निदेशक थे. 2005 और 2006 में कंपनी की सालाना रिटर्न में आपने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था. 2009 में कंपनी बंद करने के आवेदन में भी आपने खुद को ब्रिटिश बताया था. आप एक पखवाड़े के अंदर स्थिति स्पष्ट कीजिए.

गृह मंत्रालय के नोटिस के बाद कांग्रेस ने कुछ कागजात जारी किए और दावा किया कि 21 अगस्त, 2003 में बैकॉप्स कंपनी से जुड़े सर्टिफिकेशन ऑफ इनकॉरपोरेशन में राहुल गांधी ने अपनी नागरिकता भारतीय बताई थी.

दरअसल बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी पिछले कई वर्षों से आरोप लगा रहे हैं कि राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की नागरिकता है. उनकी शिकायत पर ही गृह मंत्रालय के निदेशक बीसी जोशी ने पत्र भेजा.

पत्र में लिखा, “मुझे यह कहने का निर्देश मिला है कि मंत्रालय को सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक शिकायत की है. जिसमें कहा गया है कि बैकऑप्स लिमिटेड नाम की कंपनी को साल 2003 में यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टर किया गया. जिसका पता 51 साउथगेट स्ट्रीट, विंचेस्टर, हैम्पशर एसओ23 9ईएच था. जिसके सचिव और निदेशकों में से एक आप(राहुल गांधी) भी थे.”

कांग्रेस ने उन्हीं दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए दिखाया की बैकऑप्स लिमिटेड कंपनी में राहुल गांधी की नागरिकता भारतीय ही है और इसी के साथ कांग्रेस ने सुब्रह्मण्यम स्वामी के दावों का भी खंडन किया.

कांग्रेस ने घुमाकर पकड़ा कान, विधानसभा में बागी रहे नेताओं की नए अंदाज में ‘घर वापसी’

कहते हैं कि घुमाकर कान पकड़ना।विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव मैदान में कूदकर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों की लुटिया डुबोने वालों के मामले में कांग्रेस ने कुछ ऐसा ही किया है। विरोध के चलते इन बागियों की सीधे घरवापसी न कर सकी कांग्रेस ने इन बागियों को लोकसभा चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के समर्थन में काम करने और प्रचार प्रसार की परमिशन देकर नए अंदाज में घरवापसी करा दी है। यानी घुमाकर कान पकड़ लिया है।

इनकी हुई नए अंदाज में घरवापसी
बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस संबंध में एक पत्र जारी कर विधानसभा चुनाव में बगावत कर पार्टी की खिलाफत करने वालों को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन
में काम करने और प्रचार प्रसार करने की अनुमति दे दी। इसके लिये बाकायदा पीसीसी के उपाध्यक्ष और संगठन प्रभारी चंदप्रभाष शेखर द्वारा विधानसभा में बागी रही माया त्रिवेदी, जय सिंह दरबार, दिनेश जैन बोस के नाम पत्र जारी किया गया।साथ ही निर्देशित किया गया कि वे पार्टी उम्मीदवार से समन्वय स्थापित कर चुनाव आयोग के निर्देशों का भी पालन करें। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक गुप्ता के मुताबिक विधानसभा में बगावत करने की वजह से पार्टी से निष्कासित लिए गए इन लोगों ने कांग्रेस की रीति नीति से प्रभावित होकर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के समर्थन में काम करने की इच्छा जाहिर की थी। इसी को लेकर कांग्रेस ने इन्हें लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन में काम करने और प्रचार प्रसार करने की अनुमति दी है। हालांकि उनकी संगठन में वापसी की स्थिति यथावत है।बागियों की संगठन में वापसी लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हैं।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

31 जुलाई तक सभी बोर्ड मूल्यांकन नीति के आधार पर जारी करें परिणाम, सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश

नई दिल्ली 24 जून 2021 । देश के सभी राज्य बोर्डों के लिए समान मूल्यांकन …