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4 दिन के अंदर सरकार ने दी नौकरी और मुआवजा

लखनऊ 3 अक्टूबर 2018 । लखनऊ में ऐपल के सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या मामले में सरकार तेजी से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने में लगी है. एक दिन पहले मृतक की पत्नी को नौकरी का ऑफर देने के बाद चेक के रूप में मुआवजा राशि भी परिवार को सौंप दी गई.

चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में मंगलवार को तहसीलदार (सदर) शम्भू और एडीएम टीजी अनिल कुमार पहुंचे मृतक विवेक के घर पहुंचे और उन्होंने 40 लाख का चेक पीड़ित परिवार को सौंपा.

प्रशासन की ओर से मृतक विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी को 25 लाख और छोटी बेटी को 5 लाख का चेक दिया गया. उनकी बड़ी बेटी प्रियांशी तिवारी को भी 5 लाख का चेक दिया गया.

तहसीलदार (सदर) शम्भू कुमार ने आजतक को बताया कि सरकार की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजे के तौर पर यह चेक दिया गया है.

इससे पहले सोमवार को कल्पना तिवारी को लखनऊ नगर निगम में ओएसडी की नौकरी का ऑफर दिया गया. उनको नौकरी का ऑफर दिए जाने पर नगर निगम के कमिश्नर ने कहा कि वह पोस्ट ग्रेजुएट हैं. हमने सभी जरूरी सर्टिफिकेट, फोटो और दस्तावेज ले लिए हैं. सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं. उन्हें नगर निगम के किसी एक विभाग में तैनात किया जाएगा.

मृतक विवेक की पत्नी कल्पना ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद कहा, ‘मेरे पति मुझ पर जो जिम्मेदारी छोड़ गए हैं मुझे उसे पूरा करना है. मैंने नौकरी, आवास और बच्चों की पढ़ाई के लिए निवेदन किया था जिन पर मुझे आश्वासन दिया गया है. सीएम योगी से मिलने के बाद मेरा हौसला और सरकार पर विश्वास बढ़ा है.’

इस घटना के बाद राज्य में सियासत ने जोर पकड़ लिया था. राज्य की कई प्रमुख पार्टियों ने इस घटना की निंदा की और उसके नेता पीड़ित परिजनों से मिलने भी गए.

इससे पहले पिछले हफ्ते शुक्रवार की रात एप्पल के सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या मामले में पुलिस-प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है. इस बीच विवेक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी गई. रिपोर्ट में जो खुलासे हुए वो बेहद चौंकाने वाले हैं.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि विवेक को चेहरे के बाईं तरफ प्वॉइंट – ब्लैंक रेंज से गोली मारी गई. उनके शरीर में गोली ऊपर से नीचे की तरफ गई थी. इसका मतलब है कि किसी ऊंची जगह से या संभवतः गाड़ी के बोनट पर चढ़कर विवेक को गोली मारी गई थी.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विवेक को काफी नजदीक से गोली मारी गई. इसके अलावा उनकी खोपड़ी के अंदर बुलेट पाई गई, यानी मौत एक्‍सीडेंट की वजह से नहीं बल्कि गोली लगने की वजह से हुई है.

बता दें कि पुलिस ने घटना के वक्त विवेक के साथ कार में मौजूद उनकी सहकर्मी सना के नाम से एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें बहुत ही होशियारी के साथ ये साबित करने की कोशिश की गई थी कि पुलिस ने विवेक पर गोली ही नहीं चलाई. दोनों पुलिसवालों को बर्खास्त भी कर दिया गया है. वहीं पुलिस ने कल्पना की शिकायत के आधार पर एक और एफआईआर दर्ज की.

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