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पुरानी पेंशन स्कीम बनेगी अब देश भर में मुद्दा, कांग्रेस ने केंद्र सरकार से की बहाली की मांग

नयी दिल्ली 25 फरवरी 2022 । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की घोषणा की सराहना करते हुए, कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सरकारी कर्मचारियों के लिए इसे अपनाने और लागू करने का आग्रह किया। कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा, “हम केंद्र से पूरे भारत में सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुनर्जीवित करने का आग्रह करते हैं। यह योजना कांग्रेस पार्टी द्वारा शुरू की गई थी … उन्हें (सरकारी कर्मचारियों को) समझना चाहिए कि कांग्रेस ने हमेशा उनके हितों की रक्षा की है और इसका एक उदाहरण राजस्थान में अशोक गहलोत जी का निर्णय है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 1953 से वेतन आयोगों को स्पष्ट रूप से लागू किया, हालांकि, “आजादी के बाद पहली बार, वाजपेयी के शासन में 2003 में वेतन आयोग लागू नहीं किया गया था।” कांग्रेस महासचिव और राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने एक जनवरी 2004 व उसके बाद नियुक्त कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन बंद करके उनकी पेंशन की जिम्मेदारी किसी संगठन को दे दी। वह संगठन बाजार में पैसा लगाकर कर्मियों की पेंशन निर्धारित करता, यानी सरकार ने अपने ही कर्मियों की पेंशन से पल्ला झाड़ लिया।’’

राजस्थान के चौथे बजट में, वर्ष 2022-23 के लिए, सीएम अशोक गहलोत ने 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों के लिए, अगले वर्ष से शुरू होने वाली ओपीएस योजना की बहाली की घोषणा की। पिछली पेंशन योजना के अनुसार प्रत्‍येक माह कर्मचारी के वेतन का 10 प्रतिशत (मूल वेतन+ महंगाई भत्ता) और इसके समकक्ष राशि सरकार द्वारा एनपीएस में निवेश की जाएगी। हालाँकि, जब जनवरी 2003 में राष्ट्रीय पेंशन योजना शुरू की गई थी, तो यह एक निवेश-आधारित पेंशन प्रणाली थी।

माकन ने इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के कार्यान्वयन की भी सराहना की, जिसमें योजना के लिए ₹800 करोड़ का बजट शामिल है जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में 100 दिनों का रोजगार प्रदान करेगी। उन्होंने आगे कहा कि सीएम कृषक साथी योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन, जबकि पिछले बजट में 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। सरकार राज्य में नए कृषि महाविद्यालय भी खोलेगी, जबकि जैविक खेती के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए जा रहे हैं।

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