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आस्था और विश्वास की पंचक्रोशी यात्रा का हुआ श्रीगणेश

उज्जैन 1 मई 2019 ।   बैशाख महीने की चिलचिलाती धूप में धार्मिक नगरी उज्जैन की सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। दरअसल बैशाख महीने की चिलचिलाती धूप में पैदल की जाने वाली 118 किलोमीटर लंबी आस्था और विश्वास की पंच क्रोशी यात्रा की शुरुआत हो गई है। सोमवार को हजारों की संख्या में धर्मालुओं ने पटनी बाजार स्थित नागनाथ महादेव मंदिर से पांच दिन में पूरी की जाने वाली पंच 118 किलोमीटर लंबी पंच क्रोशी यात्रा की शुरुआत की।

दरअसल पैदल 118 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को पौराणिक और धार्मिक महत्व है। यात्रा की शुरुआत पटनी बाजार स्थित नागनाथ के मंदिर से होती है। जिन्हें बल का देवता माना जाता है। लिहाजा पंचक्रोशी यात्रा करने वाला हर श्रद्धालु पहले भगवान नागनाथ के दर्शन करता है और नारियल अर्पित कर यात्रा पूरी करने के लिए उनसे बल लेता है। मान्यता है भगवान नागनाथ श्रद्धालुओं को अश्व यानी घोड़े के समान बल देते हैं यही वजह हर पंचक्रोशी यात्री बगैर थके इस यात्रा को पूरी करता है।

पांच दिन में पूरी की जाने वाली 118 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी यात्रा के पांच पड़ाव होते हैं। पहले पड़ाव पिंगलेश्वर महादेव मंदिर, दूसरा पड़ाव कायावर्णेश्वर महादेव मन्दिर, तीसरा पड़ाव बिलकेश्वर महादेव मंदिर, चौथा पड़ाव दुरधेश्वर महादेव मंदिर जैथल, जबकि पांचवा पड़ाव उंडासा तालाब पिंगलेश्वर मंदिर होता है। हालांकि पंचक्रोशी यात्रा को लेकर पूरे पंच क्रोशी मार्ग और पड़ावों पर प्रशासन द्वारा यात्रियों के ठहरने, पेयजल, सहित खाने की व्यवस्था की जाती है पर इसके बाद भी हर यात्री अपने खाने पीने की सामग्री के साथ पहनने के कपड़ो की थैली (पोटली साथ )साथ लेकर चलता है।

इस बार पंच क्रोशी यात्रा के समापन के दिन शनिश्चरी अमावस्या का भी योग बन रहा है लिहाजा प्रशासन द्वारा शनिश्चरी अमावस्या पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिए भी त्रिवेणी पर पानी का इन्तजाम किया रहा है और शिप्रा में देवास डेम से नर्मदा का पानी छोड़ा जा रहा है।

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