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रिहायशी इलाकों में घर में खोली गई दुकानों को अब नहीं मिलेगा लाइसेंस

भोपाल 20 फरवरी 2019 । राजधानी भोपाल के रिहायशी इलाकों में घरों में दुकान चलाने वाले संचालकों को नगर निगम कमर्शियल लाइसेंस नहीं देगा। बिना लाइसेंस दुकानें संचालित करने वाले दुकानदारों पर चालानी कारवाई की जाएगी। इसके लिए नगर निगम जल्द ही कमर्शियल लाइसेंस नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही लाइसेंस फीस भी नए तरीके से तय की जाएगी। राजधानी भोपाल में 85 वार्डों के रिहायशी क्षेत्रों में लोग घरों में दुकानें संचालित कर रहे हैं। इनमें कमर्शियल लाइसेंस लेकर दुकान संचालन करने वालों की तादाद करीब एक लाख है, जबकि दुकानों की संख्या इस संख्या से दस गुना ज्यादा है।

गौरतलब है कि नगर निगम के पास आवासीय क्षेत्रों में या अन्य जगहों पर व्यावसायिक लाइसेंस न देने का कोई नियम ही नहीं है। यही कारण है कि आवासीय क्षेत्रों में भी दुकानें खोल ली जाती हैं। साथ ही कमर्शियल गतिविधियों के लिए बिल्डिंग परमिशन के विपरीत निर्माण भी होता है। इस पर रोक लगाने के लिए ही निगम अब दुकान लाइसेंस को लेकर नियम बनाने जा रहा है। मामले में नगर निगम उपायुक्त हरीश गुप्ता का कहना है कि निगम ने हजारों की संख्या में लाइसेंस जारी किए हैं, जबकि ऐसी दुकानों की संख्या लाखों में है। ऐसे में जिन्होंने लाइसेंस नहीं लिए हैं, उन पर कार्रवाई की जा रही है।

उनका कहना है कि अभी शहर में करीब एक लाख लोगों ने व्यावसायिक लाइसेंस लिए हैं। इनसे निगम 36 रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक की वसूली फीस के रूप में करता है। लेकिन निगम की सालाना वसूली केवल 40 लाख रुपये ही है। ऐसे में अब वर्षों बीतने पर भी पुरानी फीस में अब इजाफा करते हुए नई फीस तय की जाएगी, फिर उसी आधार पर वसूली की जाएगी। बिल्डर्स, ज्वैलर्स, ऑटोमोबाइल, शोरूम और कारखाने के लिए फीस अलग-अलग तय की जाएगी।

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