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पूरी दुनिया में मंडरा रहा है सुनामी का खतरा

नई दिल्ली 20 अगस्त 2018 । जलवायु परिवर्तन की वजह से समुद्र के जलस्तर में थोड़ी सी वृद्धि दुनिया पर सुनामी से होने वाली तबाही का खतरा बढ़ा सकती है। एक अध्ययन में यह चेतावनी दी गई है। तटीय शहरों में समुद्र का जल स्तर बढ़ने के खतरे के बारे में सभी को जानकारी है लेकिन इस नए अध्ययन से पता चला है कि भूंकप के बाद आई सुनामी से तटीय शहरों के अलावा दूर-दूर बसे शहरों और बसावटों को भी खतरा पैदा हो सकता है।
उदाहरण के लिए 2011 के बाद तोहोकु-ओकी में भूकंप के बाद आई सुनामी से उत्तरी जापान का हिस्सा तबाह हो गया था और इससे एक परमाणु संयंत्र को भी भयानक क्षति पहुंची और रेडियोधर्मी प्रदूषण हुआ।

अमेरिका के वर्जिनिया टेक के एक सहायक प्रोफेसर रॉबर्ट वेस ने कहा, ‘ हमारा अध्ययन बताता है कि समुद्र का जलस्तर बढ़ने से सुनामी के खतरे काफी बढ़ गए हैं, जिसका मतलब है कि भविष्य में छोटी सुनामी का भी बड़ा भयानक प्रभाव हो सकता है।’ यह अध्ययन साइंस एडवांसेस जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

 ‘अगर नहीं संभले तो गोवा का भी हो जाएगा केरल जैसा हाल’

मशहूर पर्यावरणविद माधव गाडगिल ने चेतावनी दी है कि अगर गोवा ने पर्यावरण के मोर्चे पर ऐहतियात नहीं बरती तो उसका भी हश्र बाढ़ से तबाह हुए केरल जैसा हो सकता है। गाडगिल ने कहा कि कुछ अन्य राज्यों की तरह गोवा में भी ऐसी गतिविधियां हो रही हैं जिसकी मंशा केवल असीमित मुनाफा कमाना है। गाडगिल कुछ साल पहले बहस का विषय बनी पश्चिमी घाट संबंधी रिपोर्ट लिखने वाली समिति के अगुवा रहे हैं।

उन्होंने केरल की विनाशकारी बाढ़ पर कहा, निश्चित ही सभी तरह की समस्याएं पश्चिमी घाट के पर्यावरण मोर्चे पर जमीनी स्तर पर सामने आएंगी। वैसे तो गोवा में पश्चिमी घाट केरल जैसा बहुत ऊंचा नहीं है, लेकिन मैं पक्का हूं कि गोवा भी ऐसी समस्याओं का सामना करेगा। गाडगिल ने कहा कि कोई भी पर्यावरण संबंधी ऐहतियात नहीं बरतने की वजह पूर्णत: मुनाफा केंद्रित है। उन्होंने कहा, आपने गोवा में भी देखा है। केंद्र सरकार की ओर से गठित न्यायमूर्ति एमबी शाह आयोग ने अवैध खनन से 35000 करोड़ रुपये के अवैध मुनाफे का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यावरण नियमों को लागू कराने में शिथिल रही।

केरल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 357 हुई

केरल में बाढ़ ने सबकुछ तहस नहस कर दिया है। राज्य में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 357 तक पहुंच गई है। 7 लाख से ज्यादा संख्या में लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। आज रविवार को केरल में लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। राज्य से रेल अलर्ट हटा दिया गया है। इसके बावजूद भी राज्या में तेज बारिश के बीच बचाव कार्य जारी है। राज्य के 11 जिलों में ऑरेंज और दो जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बताते चलें कि ऑरेंज अलर्ट तेज बारिश की संभावना के चलते व येलो अलर्ट बारिश के अनुमान के तहत जारी किया जाता है। केरल में बाढ़ से आई भीषण तबाही के बीच देश के कई राज्यों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। कल शनिवार को केरल के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल 500 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी।

केरल में बाढ़ के बाद अब आफत बन सकती हैं खतरनाक बीमारियां

केरल में आई भीषण बाढ़ की वजह से कई तरह की बीमारियां फैलने की आशंका भी पैदा हो गई है। इससे निपटने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत केंद्र की ओर से टीम भेजी जाएगी, जो आपदा जनित बीमारियों को रोकने एवं उन्हें नियंत्रित करने का काम करेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, केरल में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए 3757 मेडिकल राहत कैंप बनाए गए हैं।

राज्य की ओर से मांगी गईं 90 प्रकार की दवाइयां भेजी जा रही हैं। दवाइयों की पहली खेप सोमवार को केरल पहुंच जाएगी। बयान में कहा गया है कि अब तक केरल में किसी संचारी रोग के उभरने की जानकारी नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जब पानी उतरने लगेगा तब आपदाजनित बीमारियों का प्रकोप फैल सकता है। इसलिए राज्य सरकार से सलाह के बाद फैसला हुआ है कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य स्थिति का त्वरित आकलन करने और आपदाजनित बीमारियों के पाए जाने पर उन्हें नियंत्रित करने के लिए कई टीमों को केरल भेजेगी।
वहीं, इमरजेंसी मेडिकल सेवा प्रदान करने के लिए क्विक रिस्पांस टीम भी भेजी जाएंगी। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से सहायता दी जाएगी। केंद्रीय स्वास्थय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय बाढ़ राहत के लिए केरल को सभी सहायता दे रहा है। केरल के हालात पर हमारी लगातार निगाह है। स्वास्थ्य सचिव डिजीज सर्विलांस नेटवर्क के जरिए स्थिति की निगरानी कर रही हैं और राज्य के स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के संपर्क में हैं।

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