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IAS-IPS हैं ये चारों भाई-बहन, 2 कमरे के मकान में रहकर पूरी की थी पढ़ाई

नई दिल्ली 6 फरवरी 2020 । प्रतापगढ़ के लालगंज तहसील के रहने वाले अनिल मिश्रा को एक ही तमन्ना थी कि उनके चारों बच्चे बड़े होकर उनका नाम रोशन करें। हुआ भी यही, चारों ने देश की सर्वोच्च सेवाओं के एग्जाम को क्वालीफाई किया।चार भाई बहन में सबसे बड़े हैं योगेश मिश्रा, जो IAS हैं। इस समय कोलकाता में राष्ट्रीय तोप एवं गोला निर्माण में प्रशासनिक अधिकारी हैं। 2nd नंबर पर हैं बहन क्षमा मिश्रा, जो IPS हैं। वर्तमान में कर्नाटका में पोस्टेड हैं। 3rd नंबर पर हैं माधवी मिश्रा, जो झारखंड कैडर की IAS हैं। इस समय केंद्र के विशेष प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में तैनात हैं। 4th नंबर पर हैं लोकेश मिश्रा, जो IAS हैं। इस समय बिहार के चंपारण जिले में ट्रेनिंग कर रहे हैं।

सबसे बड़े भाई योगेश ने बताया, IAS होने से पहले वो सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और नोएडा में तैनात थे। उस समय उनकी दोनों बहनें क्षमा-माधवी दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रही थीं। रक्षाबंधन के एक दिन पहले दोनों के एग्जाम का रिजल्ट आया और वो फेल हो गईं। उसके एक दिन बाद मैं राखी बंधवाने बहनों के पास गया और उनका हौसला बढ़ाया। उसी दिन ठान लिया कि सबसे पहले खुद IAS बनकर दिखाऊंगा, जिससे अपने छोटे भाई-बहनों को प्रेरणा दे सकूं। फिर तैयारी शुरू की और फर्स्ट अटेंप्ट में ही IAS बन गया। इसके बाद मैंने छोटे भाई-बहनों का मार्गदर्शन किया।2 कमरे के मकान में रहकर पूरी की थी पढ़ाई

माधवी बताती हैं, चारों भाई-बहनों में उम्र का फर्क बहुत अधिक नहीं है। सभी एक-दूसरे से एक साल छोटे-बड़े हैं। लेकिन बचपन में कभी-कभी खेल के दौरान किसी बात को लेकर नोक-झोंक भी होती थी, तो उनमें से कोई एक इस नोकझोंक को प्यार में बदलने की जिम्मेदारी उठाता था। सभी को एक जगह इकट्ठा कराकर उनमें समझौता कराता था। क्षमा बताती हैं, सिर्फ 2 कमरों का मकान था, अगर कोई मेहमान आ गया तो सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी। ऐसे में हम सबको पढ़ने में प्रॉब्लम होती थी।योगेश ने बताया, हम सभी अपने पैतृक गांव लालगंज में रहकर ही 12वीं तक पढ़ाई की। उसके बाद वो मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीटेक करने इलाहाबाद चले गए। वहीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जॉब मिल गई और नोएडा चला गया। 2013 में IAS बना। क्षमा ने एमए तक की पढ़ाई गांव से ही की।उसके बाद उनकी शादी 2006 में पास में रहने वाले सुधीर से हो गई। सुधीर उत्तराखंड में जिला आपूर्ति अधिकारी थे। उन्होंने भी क्षमा को आगे की पढ़ाई जारी रखने पर जोर दिया। शुरुआत में क्षमा का सिलेक्शन 2015 में डिप्टी SP के रूप में हुआ। लेकिन अगले साल फिर से एग्जाम देने के बाद 2016 में वो IPS बन गई। दूसरी बहन माधवी ने ग्रैजुएशन लालगंज से ही करने के बाद इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रैजुएशन करने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी चली गईं।

वहां पढ़ाई पूरी होने के बाद जेएनयू दिल्ली में रिसर्च करने के दौरान ही 2016 में उनका सि‍लेक्शन IAS में हो गया। सबसे छोटे भाई लोकेश ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कैमिकल इंजीनयरिंग करने के बाद राजस्थान के कोटा में एक फर्टिलाइजर कंपनी में नौकरी की। 2015 में PCS का एग्जाम क्वालीफाई कर BDO हुआ। लेकिन उसके बाद उन्होंने फिर सिविल सर्विस की परीक्षा दी और 2016 में वो भी IAS हो गए।

हजार करोड़ के NGO घोटाले में 6 IAS समेत 12 अधिकारियों पर FIR
छत्तीसगढ़ में समाज कल्याण विभाग में हुए हजार करोड़ के घोटाले में सीबीआई ने भोपाल में FIR दर्ज की है. CBI ने NGO की आड़ में किए गए घोटाले में 6 IAS समेत 12 अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज की है.
दरअसल, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 30 जनवरी को राज्य के दो पूर्व मुख्य सचिव समेत 12 अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का CBI को आदेश दिया था. यह आदेश हाई कोर्ट ने सीबीआई को देते हुए 15 दिनों के भीतर संबंधित सभी मूल दस्तावेज जब्त कर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने के भी आदेश दिए थे. हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक मौजूदा केंद्रीय समाज एवं कल्याण मंत्री रेणुका सिंह से भी इस संबंध में जानकारी लेने के लिए भी कहा.

बता दें कि, इन सभी अफसरों पर भाजपा शासनकाल के दौरान करीब 14 वर्षों में फर्जी NGO बनाकर 1000 करोड़ रुपए के घोटाला करने का आरोप है. अलग-अलग नामों से NGO बनाकर शासन के कई कार्य और योजनाओं के तहत पैसे रिलीज करवाने और कमीशनखोरी का आरोप है. इनमें से एक पूर्व आईएएस अफसर रियल अग्रवाल को भ्रष्टाचार के मामलों में जबरन सेवानिवृत्ति भी किया जा चुका है. वहीं कई आरोपी अफसर रिटायर्ड हो चुके हैं.

गौरतलब है कि इसमें छत्तीसगढ़ के दो पूर्व मुख्य सचिव और एक उपमुख्य सचिव का नाम भी है, जो वर्तमान में लाभ के पद पर पदस्थ हैं. इनमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव विवेक कांड का नाम है, जो वर्तमान में RERA के अध्यक्ष हैं. इसके अलावा राज्य सहकारिता निर्वाचन आयोग के आयुक्त संजय कुजूर का नाम भी शामिल है. इनके अलावा योग आयोग के अध्यक्ष एमएल पांडे, पूर्व आईएएस व राज्य सूचना आयोग के आयुक्त एमके राउत, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आईएएस आलोक शुक्ला, आईएएस बीएल अग्रवाल, आईएएस पीपी सोती, सतीश पांडे, राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलको, एमएल पांडे और पंकज वर्मा शामिल हैं.

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