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जल्द लॉन्च होंगे ये हिंदी न्यूज चैनल्स, सूचना-प्रसारण मंत्रालय से मिली मंजूरी

नई दिल्ली 25 अक्टूबर 2019 । सूचना प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने पिछले छह महीनों के दौरान 15 नए टीवी चैनल्स के लाइसेंस को मंजूरी दी है। इसके अलावा पिछले पांच महीनों के दौरान 21 टीवी चैनल्स के लाइसेंस रद किए गए हैं। इनमें जून का एक मामला भी शामिल है। इसके बाद मंत्रालय की ओर से देश में अब तक 908 टीवी चैनल्स को मंजूरी दी जा चुकी है। मंत्रालय की ओर से 280 टीवी चैनल्स के लाइसेंस कैंसल किए गए हैं।

मंत्रालय की ओर से ‘स्टार’ को तीन लाइसेंस मिले हैं। इसके तहत स्टार की सहायक कंपनी ‘एशियानेट स्टार कम्युनिकेशंस’ को विजय म्यूजिक के अलावा स्टार स्पोर्ट्स1 मलयालम और मूवीज ओके की जगह स्टार गोल्ड2 को लाइसेंस दिया गया है। इसके अलावा ‘बी4यू टेलिविजन नेटवर्क’ को बी4यू हिट्ज (B4U Hitz) और बी4यू प्लस (B4U Plus) नाम से चैनल लॉन्च करने का लाइसेंस मिल गया है। बता दें कि कंपनी पूर्व में इन्हीं नामों से दो लाइसेंसों को सरेंडर कर चुकी थी। वहीं, ‘मेट्रोनेशन चैनल टेलिविजन’ को मलार टीवी (Malar TV) नाम से लाइसेंस दिया गया है। कंपनी के पास ‘थांथी टीवी’ (Thanthi TV) के नाम से एक और लाइसेंस है।

ईश्वर भजन (Ishwar Media), लव वर्ल्ड (Love India Entertainment) और टीवी 100 नेशनल (Avanti Media) को अक्टूबर में लाइसेंस मिले थे और उसी महीने में इन्हें कैंसल कर दिया गया था, क्योंकि उन्हें लाइसेसों की जरूरत नहीं थी। इसके साथ ही ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन’ के चार लाइसेंसों को भी कैंसल कर दिया गया, क्योंकि कंपनी को उनकी जरूरत नहीं है। इसी तरह ‘महुआ मीडिया’ के पांच लाइसेंस भी रद कर दिए गए। ‘Living Zen’ के नाम से ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड‘ के लाइसेंस को भी एमआईबी ने रद किया है। ‘होमशॉप18’ में विलय कर चुके ‘शॉप सीजे नेटवर्क्स’ के दो लाइसेंस रद किए गए हैं।

मां-बाप ने अखबार के नाम पर रखा बेटे का नाम, बताया ये कारण

बिहार के गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (ANMMCH) से चोरी हुआ बच्चा आखिरकार मिल गया है। खास बात यह है कि बच्चा खरीदने वाली महिला ने जब आरोपित महिला का फोटो दैनिक भास्कर में छपा देखा तब उसे पता चला कि यह बच्चा चोरी का है। इसके बाद वह बच्चे को लेकर दैनिक भास्कर के कार्यालय पहुंची और अखबार की टीम को बच्चा सौंप दिया। यहां से उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

बच्चा मिलने के बाद परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चे के पिता सुरेन्द्र चौधरी का कहना था कि वह दैनिक भास्कर का अहसान कभी नहीं भूलेंगे। यही नहीं, उन्होंने दैनिक भास्कर के नाम पर बच्चे का नाम भास्कर चौधरी भी रख दिया है, ताकि जीवन भर बच्चे के साथ दैनिक भास्कर का नाम जुड़ा रहे। सुरेन्द्र चौधरी के मुताबिक, ‘बच्चे के जन्म के बाद हमने इसका नाम वीरधवन रखा था, लेकिन चोरी होने के बाद यह दैनिक भास्कर की मदद से मिला है, इसलिए इसका नाम भास्कर रख रहा हूं।’

बता दें कि गया जिले के सुरेन्द्र चौधरी की पत्नी सोनी ने 9 अक्टूबर को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में बेटे को जन्म दिया था। 10 अक्टूबर को एक महिला अस्पताल से वैक्सीन लगाने के बहाने बच्चे को चुराकर भाग गई थी। पुलिस को मामले की जांच के दौरान पता चला कि बेबी नामक महिला बच्चे को चुराकर ले गई है। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर लिया। दैनिक भास्कर ने इस मामले की कवरेज करते हुए बेबी की फोटो भी पब्लिश की थी। यह खबर पढ़ने और बेबी का फोटो देखने के बाद बच्चा खरीदने वाली महिला को पता चला कि यह बच्चा चोरी का है। इसके बाद उसने बच्चे को उसके माता-पिता को सौंपने का फैसला किया और 17 अक्टूबर को दैनिक भास्कर के कार्यालय पहुंच गई।

महिला ने दैनिक भास्कर की टीम को बच्चा सौंपते हुए बताया कि वह 20 साल से संतान सुख के लिए तरस रही थी। बेबी ने उसे बताया था कि वह कहीं से उसे लावारिस बच्चा लाकर देगी। इसके लिए 50 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था और उसने बेबी को 25 हजार रुपए दे भी रखे थे। लेकिन दैनिक भास्कर में बेबी की फोटो देखकर उसे पता चला कि बच्चा चोरी का है तो उसका मन बदल गया, क्योंकि वह किसी का चुराया हुआ बच्चा नहीं चाहती थी। इस महिला की पहचान उजागर नहीं की गई है। वहीं, एसएसपी ने इस महिला को सरकारी गवाह बनाते हुए बरी कर दिया है।

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