मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> मध्यप्रदेश में भाजपा को हराने इस बड़े किसान नेता ने बनाई रणनीति

मध्यप्रदेश में भाजपा को हराने इस बड़े किसान नेता ने बनाई रणनीति

नई दिल्ली 2 अगस्त 2018 । मध्यप्रदेश में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस, सपा और बसपा के बीच पक रही गठबंधन की खिचड़ी के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है। किसानों के संघर्ष से जन्मे एक बड़े किसान नेता ने भी भाजपा को हराने के लिए बीड़ा उठा लिया है। यह नेता और उनकी किसान संघर्ष समिति पूरे प्रदेश में भाजपा के खिलाफ कैंपेन चलाएगी। उसे हराने के लिए उम्मीदवार उतारने और दूसरे दलों से हाथ मिलाने से भी परहेज नहीं करेगी। नेताजी के इस ऐलान के बाद भाजपा में हलचल मच गई है। वहीं कांग्रेस किसान नेता को भी अपने पाले में लाने की जुगत में लग गई है।
इस बार मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने वाले हैं। भाजपा के खिलाफ सभी दल लामबंद हो रहे हैं। उसकी मुश्किलें बढ़ती जा रही है। इसी बीच मंगलवार को किसान संघर्ष समिति ने मुलताई विधानसभा के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम् के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में भाजपा के खिलाफ चुनावी कैंपेंन चलाने का ऐलान कर दिया है। इसके लिए जरूरी होने पर समिति प्रदेशभर में अपने उम्मीदवार उतारने की बात कह रही है और ऐसा नहीं होने पर किसी पार्टी विशेष को समर्थन देकर भाजपा को हराने में अहम भूमिका निभाने का दावा कर रही है। इस संबंध में मुलताई में स्टेशन रोड स्थित किसंस के कार्यालय में बैठक की गई। जिसमें किसान संघर्ष समिति ने आगामी चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के लिए मैदान में उतरने का फैसला किया है। बैठक में पूर्व विधाायक डॉ. सुनीलम एवं किसंस के प्रदेश अध्यक्ष टंटी चौधरी की उपस्थिति में लिया गया।

इस तरह रहेगी रणनीति
किसान संघर्ष समिति शुरू से ही किसानों के हित में काम करती रही है। जहां-जहां किसान आंदोलन हुए हैं वहीं समिति मजबूत स्थिति में है। पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम् इसके पहले स्वयं किसान संघर्ष समिति के बैनर तले चुनाव लड़कर विधायक बन चुके हैं, इसके अलावा एक बार वह सपा से भी विधायक रहे हैं। ऐसे में सपा से भी वह गठबंधन कर सकते हैं। इसके अलावा जिस जगह समिति मजबूत स्थिति में है वहां पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। किसी बड़ी पार्टी को अपना समर्थन दे सकती है।

भाजपा को खतरा
किसान संघर्ष समिति किसानों के हित में काम रही है। पहले मुलताई से डॉ. सुनीलम इसी समिति के बैनर तले ही विधायक बन चुके हैं। इस बार भी किसान आंदोलन के कारण भाजपा संकट में है।

किसानों पर किया गोलीचालन
किसंस के सदस्यों ने बताया कि भाजपा ने मंदसौर में अपने हक के लिए आंदोलन करने वाले किसानों पर गोलीचालान किया है जिसका जवाब आगामी चुनाव में समस्त किसान भाजपा को देगें। डा. सुनीलम ने बताया कि आगामी 14 अगस्त को एक बैठक कर क्षेत्र के किसानों की बैठक आहुत की गई है जिसमें किसान यह तय करेगें की किसंस अपनी उम्मीदवार मैदान में उतारे अथवा किसी गैर भाजपाई दल या संगठन का समर्थन उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा किसानों पर गोलीचालान करके जो दमनकारी नीति अपनाई है इसका समस्त किसान एकजुट होकर मुंह तोड़ जवाब देगें।

कमलनाथ-सिंधिया के सपनों पर फिरेगा पानी

हाल ही में कांग्रेस की ओर से एक ऐसा दावा किया गया है, जिसने बीजेपी में जश्न तो खुद कांग्रेस में ख़लबली का माहौल बना दिया है. हाल ही में कांग्रेस के अखबार में कहा गया है कि मध्य प्रदेश में साल 2018 में विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बीजेपी की जीत होगी. नेशनल हेराल्ड द्वारा मध्यप्रदेश चुनाव को लेकर सर्वे किया गया है, भारतीय जनता पार्टी को अख़बार में मप्र में सबसे बड़ी पार्टी करार दिया गया है.

सर्वे में बताया गया है कि भारतीय जनता पार्टी साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में बहुमत के साथ सरकार बनाएगी. अख़बार नेशनल हेराल्ड के सर्वे में यह दावा भी हुआ है कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन होना भी आवश्यक है. अगर ऐसा नहीं होता है तो मध्य प्रदेश की सियासत से बीजेपी को हटाना मुश्किल होगा.

प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, स्पीइक मीडिया नेटवर्क द्वारा 27 जुलाई 2018 को यह सर्वे जारी किया गया था. सर्वे में कांग्रेस और भाजपा के अलग-अलग चुनाव लड़ने पर कहा गया है कि इस स्थिति में कांग्रेस को 73, भाजपा को 147 जबकि बीएसपी को 9 सीटें मिलेगी. वहीं अगर कांग्रेस और बीएसपी गठबंधन कर भी लेती है, तब भी वह बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी. इस स्थिति में गठबंधन को 103 जबकि बीजेपी को 126 सीटें मिलेगी.

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

Ram Mandir निर्माण के लिए Rajasthan के लोगों ने दिया सबसे ज्यादा चंदा

जयपुर: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केंद्रीय उपाध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के …