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जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की जबरदस्त कमी

उज्जैन 21 जनवरी 2019 । प्रदेश के जिला अस्पतालो मे विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। तय पदो से करीब पौने तीन हजार विशेषज्ञ कम है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने की वजह से प्रतिदिन इन जिला अस्पतालों से हजारों मरीज मायूस लौट रहे है।
इस संबंध में अखिल भारतीय अस्पताल प्रशासक संघ के सचिव डॉ नरेश पुरोहित ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर जिला अस्पतालों मे चिकित्सा विशेषज्ञों की भारी कमी से उत्पन्न समस्याओं का शीघ्र समाधान करने हेतु मांग की है।
डॉ नरेश पुरोहित ने ब्लू आईज को बताया कि सन्‌ 2018 मे संघ के एक प्रोजेक्ट के तहत् किए गए शोध अध्ययन में प्रदेश के जिला अस्पतालों मे विशेषज्ञों की मौजूदगी तलाशी तो पाया कि सर्वाधिक कमी गंभीर मर्ज के विशेषज्ञों की है। जैसे-हृदय, गुर्दा, न्यूरो , मानसिक, मूत्र, स्त्री व प्रसूता , हड्डी, बाल रोगो के अलावा सर्जरी,बेहोशी के विशेषज्ञ न के बराबर है। परन्तु जनरल फिजीशियन, रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, पैथॉलॉजी के डॉक्टर भी काफी कम है।
डॉ नरेश पुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में सन् 2013 की नियमावली के अनुसार सरकारी डॉक्टरों के 14 हजार 369 के स्वीकृत पदों के दो वर्गीकरण है – सामान्य और विशेषज्ञ । इनमें सामान्य के सात हजार और विशेषज्ञों के 5990 पद मंजूर है। लेकिन अस्पतालों में अभी करीब नौ हजार डॉक्टर तैनात है। इनमें करीब पौनें पॉच हजार सामान्य डॉक्टर है और चार हजार विशेषज्ञ डॉक्टर है। पौने तीन हजार विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। तैनात डॉक्टरों में से भी करीब एक हजार लापता है। इन्होने अपनी तैनाती की जगह पर जाना छोड़ दिया है। लगभग साढ़े पॉच हजार डॉक्टरों के पद खाली है ।

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