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ट्रंप को पड़ी इंडिया की जरूरत, भारतीय नमक मांग रहा अमेरिका

नई दिल्ली 5 मई 2019 । अमेरिका और यूरोप में पिछले काफी लंबे समय से बर्फबारी हो रही है जिसकी वजह से भारतीय नमक की मांग तेजी से बढ़ गई है. दरअसल, सड़कों पर पड़ी बर्फ हटाने के लिए नमक का इस्तेमाल किया जाता है. अमेरिका में 90 परसेंट नमक भारत से जाता है. इसके अलावा यूरोप में भी भारत नमक सप्लाई करता है.

भारत में सबसे ज्यादा नमक गुजरात में बनता है. यह नमक चीन के रास्ते यूरोप, अमेरिका और रूस सप्लाई होता है. दरअसल, इसमें खर्च कम आता है. अमेरिका के अलावा चीन में भी भारत से बड़ी मात्रा में नमक सप्लाई होता है. वहीं चीन अपना खराब क्वॉलिटी वाला नमक ध्रुवीय प्रदेशों में डीआइसिंग के लिए निर्यात करता है.

ISMA के मुताबिक पिछले दो साल में चीन को सप्लाई होने वाले नमक में दोगुना वृद्धि हुई है. अमेरिका सड़क से नमक हटाने के लिए पहले खराब क्वॉलिटी का नमक इस्तेमाल करता था. हालांकि अब वह अच्छा नमक इस्तेमाल करता है. डीआइसिंग में सस्ता केमिकल उपयोग करने के लिए गुजरात से दुनियाभर में नमक की सप्लाई बढ़ी है. सितंबर से इसकी मांग बढ़ जाती है. 7 से 8 लाख टन नमक प्रति महीने अमेरिका जाता है.

बता दें कि अमेरिका सड़कों से बर्फ हटाने के लिए सोडियम क्लोराइड या अन्य केमिकल का उपयोग करता है. इससे बर्फ जल्द पिघलती है. बर्फबारी के चलते सड़कें काफी फिसलने लगती हैं, जिस कारण जल्द से जल्द बर्फ को पिघलाना जरूरी होता है.

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