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उज्जैन कलेक्टर की कार्रवाई : महाकाल के दरबार में बंद हुआ वीआईपी का खेल

उज्जैन 9 जून 2018 । विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में सत्कार व प्रोटोकाल के नाम पर दर्शन के लिए 188 लोगों को जारी पास निरस्त कर दिए गए हैं। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर मनीष सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि विशेष दर्शन की सुविधा के लिए संबंधित श्रद्धालुओं का विवरण, पदनाम व महत्व दर्शाता आवेदन सत्कार शाखा में जमा कर 250 रुपए प्रति व्यक्ति के मान से रसीद कटवाना होगी।

जारी आदेश में यह चेतावनी भी दी गई है कि पास निरस्त किए जाने के बावजूद यदि संबंधित व्यक्ति द्वारा पुलिसकर्मी तथा निजी सुरक्षाकर्मी के साथ हुज्जत की जाती है या अप्रिय स्थिति निर्मित की जाती है तो शासकीय कार्य में बाधा मानते हुए थाना महाकाल से कार्रवाई की जाएगी।

महाकाल मंदिर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था के नाम पर मंदिर समिति ने पूर्व में हर किसी को पास जारी कर दिए। एसबीआई की छोटी सी जेथल ब्रांच के 5 और राज्य कृषि उद्योग विकास निगम के 4 अफसरों को ये पास जारी किए थे। पहली बार हुई इस कार्रवाई के बाद दर्शन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

इन 16 लोगों के पास अब शून्य @ राजेंद्र पंवार (गणेश पुरा कालिदास मार्ग), विनोद कंडारे व अमित कुमार (पश्चिम रेलवे), प्राची परनेरकर (बीएसएनएल), नरेंद्र मुनेश्वर व परसराम (बीओआई), रामस्वरूप (मप्र वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन), पुरेंद्र त्रिपाठी व विनय तिवारी (पंचायती राज मुद्रणालय), राजेश सेन (गणेश टेकरी), ब्रह्मानंद दीक्षित(नागाबाबा की गली), कमल किशोर (बसंत बिहार नानाखेड़ा), राधा चरण (प.रे.स्वास्थ केंद्र), रमेश चंद्र नागदिया (मुनिनगर), दिलीप सिसोदिया (उदयन मार्ग) और जय गरुड़ (दशहरा मैदान)।

नेता, कर्मचारी नेता, अधिकारी सभी आए दायरे में @ जिनके पास निरस्त किए गए हैं उनमें कालिदास संस्कृत अकादमी के पूर्व उप निदेशक शशिरंजन अकेला, अकादमी के पूर्व प्रभारी निदेशक पीके झा, अपर कलेक्टर के रीडर जितेंद्र पारीख, प्रसाद व्यवस्था के जगदीश मालवीय, महाकाल मंदिर के ही मुकेश सोलंकी, स्वास्थ विभाग से जुड़े कर्मचारी नेता सुभाष राव अवाड़, नगर निगम के फायर ऑॅफिसर अजय सिंह राजपूत व पांच पटवारी शामिल हैं।

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