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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की सांसद निधि में घपला, सख्त हुआ गुजरात हाईकोर्ट

नई दिल्ली 16 मार्च 2019 । केंद्रीय मंत्री और गुजरात (Gujarat) से बीजेपी (BJP) की राज्यसभा सांसद स्मृति ईरानी (Smriti Irani) की सांसद निधि के कामों में घपले का मामले में दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को गुजरात हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। गुजरात उच्च न्यायालय (Gujarat High Court) ने परियोजनाओं का क्रियान्यवन करने वाली एजेंसी से धनराशि वसूली को लेकर ब्यौरा तलब किया है। स्मृति ईरानी की निधि से कामों में गड़बड़ी सामने आने के बाद कार्यदायी संस्था से वसूली के आदेश पहले से जारी हो चुके हैं।
कैग की रिपोर्ट से खुलासा होने के बाद गुजरात के एक कांग्रेस विधायक इस मामले को लेकर अदालत की चौखट पर पहुंचे हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए एस दवे और न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव की पीठ ने मामले में सरकार द्वारा अब तक की गई जांच की स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी।

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष और आणंद जिले में अन्क्लाव विधानसभा सीट से विधायक अमित चावडा ने जुलाई 2017 में स्मृति के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें आरोप लगाया था कि राज्यसभा सांसद के रूप में जारी निधि में बंदरबाद हुई है। कार्यदायी संस्था ने घोटाला किया है। इस मामले में हुई जांच में भी गड़बड़ी की पुष्टि हुई। जिसके बाद कार्यदारी एजेंसी से वसूली के आदेश जारी हुए थे। अपेक्षित कार्रवाई न होने पर कांग्रेस विधायक ने गुजरात हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर की थी। जिसके बाद अब कोर्ट ने धनराशि वसूली का ब्यौरा तलब किया है… मामले में अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।

इस मामले का कैग की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ था। कांग्रेस का आरोप है कि स्मृति ईरानी ने सांसद निधि से बिना टेंडर के ही एक एनजीओ को 5.93 करोड़ रुपये के टेंडर दे दिए। कई काम भी कागजी पाए गए थे। जिले के कलेक्टर ने जांच के बाद रिकवरी करने के आदेश दिए थे।

चुनाव से पहले भ्रष्टाचार के बड़े मामले में फंसी स्मृति ईरानी

आगामी लोकसभा चुनाव की जारी चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भ्रष्टाचार के एक बड़े झोल में लिप्त होती दिख रही है। मोदी सरकार की मंत्रिमंडल में शामिल बीजेपी की दिग्गज नेताओं में से एक स्मृति ईरानी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने गंभीर आरोप लगाते हुए पीएम मोदी से अपील की है कि वे उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त दें।

साथ ही कांग्रेस पार्टी की मांग है कि मामले में ईरानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया जाए। ईरानी पर आरोप लगाते हुए गोहिल ने कहा कि, मोदी जी और उनके करीबी करोड़ों से कम खाते नहीं और ईमानदार लोगों को चैन से रोटी खाने नहीं देते।

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उन्होंने दावा किया है कि, उक्त जानकारी गुजरात में आणंद जिले के कलेक्टर के लिखे पत्र और कैग की जांच से सामने आई है। कांग्रेस नेता का आरोप है कि स्मृति ईरानी ने गांव को मिलने वाले पैसे खुद की जेब में डालने के लिए एक गांव गोद लिया। उन्होंने कहा कि, सांसद निधि को लेकर साफ गाइडलाइन है कि कॉन्ट्रैक्ट किसी को भी दे सकते हैं, लेकिन क्रियान्वयन एजेंसी सरकार होती है।

गोहिल ने कहा कि, स्मृति जी ने फोन कर ‘शारदा मजदूर कामदार सहकारी मंडली’ नामक सहकारी संस्था को क्रियान्वयन का कॉन्ट्रैक्ट दिलवाया। गाइडलाइन के अनुसार, 50 लाख रुपये से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट किसी को नहीं दिया जा सकता, लेकिन स्मृति ईरानी ने करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट दिलवाया। इस संस्था को करीब छह करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

उन्होंने दावा किया कि, कलेक्टर की जांच में पता चला है कि काम कुछ नहीं हुआ, सिर्फ पैसा खाया गया। कैग ने इसका गंभीरता से संज्ञान लिया और रिकवरी की बात की है। साथ ही गोहिल ने कहा कि चुनाव नजदीक है और अगर थोड़ी भी नैतिकता बची है तो स्मृति इस्तीफा दें। वहीं पीएम पर तंज कसते हुए गोहिल ने कहा कि, मोदी जी थोड़ी अंतरात्मा जग जाए तो इन्हें बर्खास्त करें।

आपको बता दें कि खबर लिखे जाने तक इस मामले को लेकर स्मृति ईरानी और बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

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