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संघ कार्यकर्ता सभांलेंगे कमान

नई दिल्ली 19 अगस्त 2018 ।  आरएसएस ने अब मध्यप्रदेश  में चुनावी कमान अपने हाथ में लेने का फैसला कर लिया है। हर सीट पर करीब 200 स्वयं सेवक चुनाव की जमीन पर काम करने सक्रिय किए जाएंगे। इस बार आरएसएस अपने सभी अनुषांगिक संगठनों को पूरी तरह से चुनाव में झोंक देने की तैयारी कर रहा है।जिला पदाधिकारियों की मदद से हर सीट पर ऐसे 3-3 लोगों के नाम मांगे जा रहे हैं, जो संघ के 58 अनुषांगिक संगठनों से जुड़े हैं। इसमें भाजपा भी शामिल है। इससे हर सीट पर करीब 150 से 200 लोगों की टीम तैयार होगी जो देश और प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाकर उन्हें विचारधारा बताएगी। सितंबर से विधानसभा चुनाव और फिर उसके बाद लोकसभा चुनाव तक यह टीम फील्ड में काम करेगी।आने वाले दिनों में संघ की यह टीम संगोष्ठियां, संवाद, परिचर्चा, घर पहुंचकर व पैम्पलेट जारी करके जन जागरण अभियान को आगे बढ़ाएगी। यहां बता दें कि पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले भी संघ तेजी से सक्रिय हुआ था। इस बार भी यही तैयारी है।संघ की सक्रियता के पीछे बड़ा कारण यह बताया जा रहा है कि वर्तमान में भाजपा में जो लोग हैं, वे संघ की विचारधारा से पूरी तरह परिचित नहीं हैं और चुनाव के नजदीक आने के बाद भी निष्क्रियता दिखा रहे हैं। इसकी जानकारी संघ के साथ पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक भी पहुंची। इसीलिए स्वयंसेवकों को मुद्दों पर चर्चा की जिम्मेदारी दी जाएगी। अनुषांगिक संगठनों में भाजपा, विहिप, बजरंगदल, एबीवीपी के साथ सेवा भारती, ज्ञान भारती, मजदूर संघ, वनवासी परिषद और भारतीय किसान संघ समेत अन्य संगठन शामिल हैं।

भाजपा बड़े बदलाव की तैयारी में, रंग-ढंग सब हो सकता है नया

चुनाव से पूर्व भाजपा तमाम ऐसे कार्यक्रमों की घोषणा कर सकती है जो सीधे अटल से जुड़ी हो और मतदाताओं के रुख को पार्टी की ओर मोड़ सकती है। अटल सबके प्रिय थे हर वर्ग में उनका सम्मान था, पार्टी इसका भी पूरा लाभ लेना चाहेगी।

लिहाजा उनके नाम और उनके काम पर देश में यात्राएं निकाली जाएंगी और हर वर्ग के लोग इससे जुड़ें इसके लिए परमाणु विस्फोट से लेकर कारगिल तक की शौर्य गाथाओं को युवाओं को भी बताया जाएगा।

सूत्रों की माने तो अभी जितनी भी योजनाएं अटल के नाम पर चल रही हैं उसमें इजाफा करने के लिए प्रधानमंत्री के नाम से संचालित योजनाओं के नाम स्व. वाजपेयी के नाम से की जा सकती है।

इनमें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि के नाम प्रमुख हैं।

यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों को रिझाने के लिए उनसे सीधा सरोकार रखने वाले कार्य अटल के नाम पर करने की योजना भी शुरू हो सकती है।

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