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संयुक्त राष्ट्र ने दी भयावह भूख की चेतावनी, G7 बनाम पुतिन के बीच भारत पर टिकीं दुनिया की निगाहें

नयी दिल्ली 6 जून 2022 । दुनिया की लगभग 2.5 अरब आबादी पर इस समय भुखमरी का संकट मंडरा रहा है। गेहूं सहित अनाज की भारी कमी ने लाखों लोगों को, विशेष रूप से अफ्रीका में भुखमरी और कुपोषण के कगार पर ला दिया है। यह ऐसा संकट है जो उन्हें वर्षों तक पीड़ित कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र आने वाले महीनों में भयावह भूख और मौतों की चेतावनी देने के लिए जोर-जोर से खतरे की घंटी बजा रहा है, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी सैल ने पिछले सप्ताह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए एक तत्काल यात्रा की थी, ताकि मालवाहक जहाजों द्वारा यूक्रेन से लगभग 20 मिलियन टन गेहूं प्राप्त किया जा सके। लेकिन भूख को कम करने के लिए उन्हें बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस आना पड़ा। दुनिया के सबसे बड़े गेहूं निर्यातक रूस ने पश्चिम से यूक्रेन में इसकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने का आग्रह किया है ताकि अनाज वैश्विक बाजारों में निर्बाध रूप से पहुंच सके। वहीं अमेरिका पुतिन पर यूक्रेन का गेहूं चुराने और सूखे से त्रस्त अफ्रीकी देशों को सस्ते में बेचने के लिए कठोर वित्तीय प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहा है। पुतिन दूसरी तरफ तैयार खरीदार ढूंढ रहे हैं क्योंकि इस साल गेहूं की कीमतों में 60 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और पीड़ित देश रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते गेहूं की डिलीवरी ले नहीं सकते हैं क्योंकि रास्ते ब्लॉक हैं। रूस-यूक्रेन मिलकर आम तौर पर वैश्विक गेहूं निर्यात का लगभग एक तिहाई प्रदान करते हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, अफ्रीकी देशों ने 2018 और 2020 के बीच रूस और यूक्रेन से अपने गेहूं का 44 प्रतिशत आयात किया। अफ्रीकी विकास बैंक के अनुसार, आपूर्ति में व्यवधान के परिणामस्वरूप गेहूं की कीमतें लगभग 45 प्रतिशत बढ़ गई हैं। “खेत के जानवर पहले से ही भूख से मर रहे हैं”

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने अप्रैल में पुतिन से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी। उन्होंने अफ्रीका के गरीबी से त्रस्त साहेल क्षेत्र की यात्रा के बाद कहा, “गंभीर तीव्र कुपोषण बढ़ रहा है। यह एक ऐसी बर्बाद करने वाली बीमारी है जो इलाज न होने पर जान ले सकती है और यह लगातार बढ़ रही है। खेत के जानवर पहले से ही भूख से मर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “नेताओं ने मुझे बताया कि यूक्रेन में युद्ध के कारण, अन्य संकटों के अलावा, उन्हें डर है कि यह खतरनाक स्थिति तबाही का कारण बन सकती है।”

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