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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, देश में कुछ लोगों को हिंदू शब्द से एलर्जी है

नई दिल्ली 13 जनवरी 2020 । उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि भारत में कुछ लोगों को हिंदू शब्द से एलर्जी है। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक रूप से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने के लिए है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने हमेशा पीड़ित लोगों को शरण दी है। वेंकैया ने स्वामी विवेकानंद को एक समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने पश्चिम से हिंदुत्व का परिचय कराया था। ‘धर्मनिरपेक्ष संस्कृति भारतीय लोकाचार का हिस्सा’

श्री रामकृष्ण मठ द्वारा प्रकाशित तमिल मासिक श्री रामकृष्ण विजयम के शताब्दी समारोह और स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में वेंकैया ने कहा कि भारत में कुछ लोगों को हिंदू शब्द से एलर्जी है, और यद्यपि यह ठीक नहीं है, फिर भी उन्हें इस तरह का दृष्टिकोण रखने का अधिकार है। नायडू ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का मतलब दूसरे धर्मो का अपमान नहीं है, जबकि धर्मनिरपेक्ष संस्कृति भारतीय लोकाचार का एक हिस्सा है।

‘कुछ तत्व सीएए के बारे में विवाद पैदा कर रहे हैं’
उन्होंने कहा कि देश ने हमेशा पीड़ित लोगों को शरण प्रदान किया है। नायडू ने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक सामाजिक सुधारक थे और उन्होंने पश्चिम में हिंदुत्व से परिचय कराया। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि वह ऐसे देश से हैं, जिसने विभिन्न देशों में प्रताड़ित लोगों और शरणार्थियों को शरण दी है। नायडू ने सीएए का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब प्रताड़ित लोगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है, जबकि कुछ तत्व इसके बारे में विवाद पैदा कर रहे हैं।

सरकार पर प्रियंका गांधी का वार, बोलीं- दावा था अच्छे दिन लाएंगे, खजाना ही खाली कर दिया

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर एक बार फिर हमला बोला है. प्रियंका गांधी ने कहा है कि इस सरकार ने अच्छे दिन लाने का दावा किया था, लेकिन इन्होंने तो देश का ही खजाना खाली कर दिया. प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी सरकार देश का खजाना चंद पूंजीपतियों को सौंप रही है और दूसरी तरफ आम इंसान के रोजगार, काम-धंधे और रोजी-रोटी पर हमला कर रही है.

इसी के साथ प्रियंका गांधी का सीएए के खिलाफ भी विरोध तेज हो गया है. अभी हाल में उन्होंने वाराणसी में मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस की सरकार आई तो इस कानून को खत्म करेगी. प्रियंका ने सीएए और एनआरसी को काला कानून बताया और इस काले कानून को खत्म करने की मांग की. उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार आई तो ये दोनों कानून लागू नहीं होंगे. उन्होंने लोगों से आंदोलन की जानकारी ली और कहा कि बिना हिंसा गांधीवादी तरीके से विरोध होना चाहिए. वाराणसी दौरे के वक्त उन्होंने अलग-अलग लोगों से इस कानून के बारे में जानकारी ली.

प्रियंका गांधी ने कहा, “जो कानून हमारे लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना को चुनौती देते नजर आते हैं, हमें सड़क पर उतर कर उनका विरोध करने से हिचकना नहीं चाहिए. कांग्रेस पार्टी छात्रों, किसानों, नौजवानों सहित समाज के सभी वर्गों के साथ खड़ी है. कांग्रेस पार्टी एक ऐसा लीगल सेल बनाएगी, जो सीएए के विरोध में देशभर में जेल जाने वालों को मुकदमा लड़ने में कानूनी सहायता दे सके.”

उम्मीदवारों पर चर्चा के लिए अमित शाह के आवास पर हुई मैराथन बैठक

दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों पर चर्चा के लिए रविवार को बीजेपी अध्यक्ष एवं गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर मैराथन बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, लगभग 7 घंटे तक चली इस बैठक में दिल्ली की 70 सीटों में से 45 सीटों के उम्मीदवारों के नामों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में शाह के अलावा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, दिल्ली बीजेपी के चुनाव प्रभारी प्रकाश जावडेकर, दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी, श्याम जाजू, दिल्ली संगठन मंत्री सिद्धार्थन, विजय गोयल, बिजेंदर गुप्ता और अनिल जैन भी मौजूद थे।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार बीजेपी नए चेहरों पर ज्यादा जोर दे सकती है। इसके साथ ही पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट में कुछ चौंकाने वाले नाम भी शामिल हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि केंद्रीय सर्वे और जनता से मिले फीडबैक के आधार पर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई है। कुछ सीटों पर एक उम्मीदवार और कुछ पर 2-2 उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। रविवार की रात कुल 45 सीटों के उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की खबर है, जबकि बाकी बची 35 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की चर्चा सोमवार को की जाएगी। इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगेगी।

8 फरवरी को चुनाव, 11 तारीख को काउंटिंग
बता दें कि दिल्ली में आगामी 8 फरवरी को 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है। वोटों की गिनती 11 फरवरी 2020 को की जाएगी। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 फरवरी 2020 को खत्म हो रहा है। 2015 के चुनावों की बात करें तो मुख्यमंत्री अरविंद की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी ने तब 70 में से 67 सीटें जीतकर तहलका मचा दिया था। बाकी की 3 सीटें भारतीय जनता पार्टी को मिली थीं, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया था। हालांकि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों पर परचम लहराया था।

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