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हम ठीक करने की कांग्रेसी मानसिकता को ही ठीक कर देंगे : शिवराज सिंह

भोपाल 16 नवम्बर 2018 । मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ बार.बार ठीक करने की बात करते हैं। वे किसको ठीक करेंगे, क्या संघ को ठीक करेंगे, क्या जनता को ठीक करेंगे, हम कांग्रेस और कमलनाथ की इस ठीक करने वाली मानसिकता को ही ठीक कर देंगे। मुख्यमंत्री बालाघाट जिले की लांजी विधानसभा के किरनापुर में पार्टी प्रत्याशी रमेश भटेरे के लिए आयोजित सभा में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कमलनाथ महिलाओं को सजावट की वस्तु बताते हैं। महिलाओं का यह अपमान भाजपा की सरकार बिल्कुल सहन नहीं करेगी। हमारे देश में, हमारे मध्यप्रदेश में महिलाओं को मान-सम्मान दिया जाता है, बेटियों को पूजा जाता है। वे गंगा, गीता गायत्री हैं, वे लक्ष्मी, सरस्वती दुर्गा हैं। उनके लिए इस तरह की भाषा अशोभनीय है। इसके लिए प्रदेश की जनता, प्रदेश की मां.बेटियों कांग्रेस और उनके नेताओं को माफ नहीं करेगी। हमने महिलाओं और बेटियों को गलत नजर से देखने वालेए उनके साथ दुष्कर्म करने वालों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किया है। अब तक कई दरिंदों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मैं मां-बेटियों की आंखों में आंसु नहीं आने दूंगाए उनके चेहरों पर हमेशा मुस्कान होगी।

तुम बताते जाना, हम काम करते जाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में लांजी विधानसभा विकास के मामले में पिछड़ गया है। मैंने विकास कार्य कराने में कोई कमी नहीं रखीए लेकिन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक ने विकास कार्य कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब अगले पांच सालों में यहां पर विकास ही विकास नजर आएगा। उन्होंने पार्टी प्रत्याशी और क्षेत्र की जनता से कहा कि आप लोग मुझे बताते जाना और मैं काम करता जाउंगा। अगले पांच वर्षों में क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रखूंगा।

77 लाख परिवारों के बिजली बिल भरवाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 54 वर्षों तक प्रदेश में राज किया। 2003 से पहले 10 वर्षों तक कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने प्रदेश को गड्ढों का प्रदेश बना दिया थाए अंधेरे का प्रदेश बना दिया था। किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलता थाए मां-बेटियों को दूर.दूर से पीने का पानी लाना पड़ता था। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश को पूरी तरह से तबाह कर दिया थाए लेकिन भाजपा की सरकार ने प्रदेश को आबाद करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मैंने 77 लाख गरीब परिवारों के 6 हजार करोड़ के बिजली बिल भरवाएं हैं और अब उन्हें 200 रूपए प्रतिमाह की दर से बिजली दे रहे हैं। कांग्रेस की सरकार में किसानों को 18 प्रतिशत ब्याज पर कर्जा मिलता थाए हमने 0 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 2900 मेगावाॅट बिजली थीए भाजपा की सरकार ने 18800 मेगावाॅट बिजली पैदा की है।

कन्फयूज्ड हैं कांग्रेस नेता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल बाबा दिल्ली से आते हैं तो मुझे खूब कोसते हैं। पिछले दिनों मध्यप्रदेश आए तो मेरे बेटे को पनामा मामले में आरोपी बना दिया। जब उनसे मीडिया ने पूछा तो कहा कि मैं कन्फयूज्ड हो गया था। जब ये कांग्रेस के लोग इतने कन्फयूज्ड हैं तो फिर ये कैसे देश-प्रदेश चलाएंगे। उन्होंने कहा गरीबी हटाने का नारा 1971 में कांग्रेस ने दिया था। पहले स्व इंदिराजी गरीबी हटाने की बात कहतीं थी, फिर स्व राजीवजी भी गरीबी हटाने की बातें कहते थे और अब राहुलजी एवं कांग्रेस के नेता गरीबी हटाने की बातें कहते हैंए लेकिन इन्होंने गरीबी तो नहीं हटाएए बल्कि गरीबों को ही हटा दिया। इस मौके पर बालाघाट.सिवनी के सांसद मोजसिंह भगत, प्रत्याशी रमेश भटेरे, वरिष्ठ नेता रामकुमार रावत, कल्याण सिंह, लक्ष्मण सिंह, हीराचंद्र आसरकर, डॉ.विजय खेरे, केशव बिसेन, राजेंद्र खैर सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं आमजन मौजूद रहे।

सीएम की पत्नी की रैली में बच्चों से कराया काम
विधानसभा चुनाव में इस बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह उनके विधानसभा क्षेत्र बुधनी में प्रचार नहीं कर रहे हैं। यह जिम्मेदारी उन्होंने उनकी पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय को सौंपी है। साधना सिंह ताबड़तोड़ जनसंपर्क कर इलाके में बीजेपी और सीएम के कार्यों के बारे में जनता को बता रही हैं। कहीं कहीं उनको जनता की नाराजगी का शिकार भी होना पड़ा। अब एक और वीडियो सामने आया है। इसमें साधना सिंह के साथ कुछ नाबालिग बच्चे प्रचार करते नजर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नसरुल्लागंज क्षेत्र में जनसंपर्क के दौरान उनकी रैली में नाबालिग बच्चों से काम कराया गया। जबकि निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि प्रचार और जनसंपर्क कार्य में बच्चों को न लगाया जाए।

बच्चे पोस्टर और फूल माला लेकर क्षेत्र में घूम रहे थे बीजेपी के कार्यकर्ताओं से जब यह सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है बच्चे खुद ही आए हैं वह लेकर नहीं आए हैं। जब बच्चों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि स्थानीय पार्षद के कहने पर वे आए हुए हैं और उनको पोस्टर पमलेट आदि बांटने की जिम्मेदारी दी गई है। इधर निर्वाचन आयोग की सख्त गाइडलाइन है कि बच्चों को चुनाव प्रचार से दूर रखा जाए इससे पहले भी कई बार यह देखने को मिला है सीएम और माननीय की सभाओं में बच्चों का भरपूर इस्तेमाल किया जाता रहा है। इससे पहले भी राजधानी में सीएम शिवराज के टाउन हाल कार्यक्रम में भी स्कूल के बच्चों को लाया गया था। जिसके बाद कांग्रेस कि शिकाय पर चुनाव आयोग ने जांच के आदेश दिए थे और आयोजन पर मामला भी दर्ज हुआ था।

विरोध के डर से जनता से नहीं मिलीं साधना

बुधनी विधानसभा में शिवराज सिंह चौहान का विरोध होता चला रहा है अब जनता भी उनकी पत्नी साधना सिंह को आम समस्या से जुड़े हुए मुद्दे बताकर खरी-खोटी सुनाती है बीते दिनों वृष्टि में जनसंपर्क अभियान के दौरान साधना सिंह को बुजुर्ग महिला ने पानी की समस्या बताते हुए खरी-खोटी सुनाई थी कल भी इसी प्रकार नसरुल्लागंज में मुस्लिम मोहल्ला वार्ड नंबर 6 और सद्दाम कॉलोनी वार्ड नंबर 5 में रहवासियों ने जमकर विरोध किया। मुस्लिम मोहल्ला रहवासी नाज़िम कुरैशी व शाहिदा बी का कहना है कि यहां पर साफ-सफाई, स्थानीय लोगों को पीएम आवास की योजना में भेदभाव किया जा रहा है और तो और यह पर जमीनों पर कब्जा करने तो आम बात होगी है आदि शिकायत की है मगर इन मामलों पर कोई ध्यान नही देता है।

गौरतलब है कि प्रदेश भर में बीजेपी को जीत दिलाने के लिए सीएम शिवराज पूरा जोर लगा रहे हैं। यही वजह है कि वह अपने क्षेत्र में जनसंपर्क कम कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी उनके खिलाफ अरूण यादव को मैदान में उतारा है। जिससे शिवराज की उनके क्षेत्र में घेराबंदी की जा सके। बुधनी विधानसभा सीट सिहोर जिले में आती है। यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह क्षेत्र है। बुधनी में करीब 40 फीसदी आदिवासी वोटर्स हैं। यह सीट 1957 में वजूद में आई। बुधनी में 15 चुनाव हुए हैं। इन 15 चुनाव में 6 बार बीजेपी को जीत मिली है तो 5 बार कांग्रेस को जीत मिली है। कांग्रेस को आखिरी बार इस सीट पर जीत 1998 में मिली थी। तब देव कुमार पटेल यहां के विधायक बने थे। राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 2006 से यहां के विधायक हैं।

चुनाव से पहले फिर दो हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेगी शिवराज सरकार
गले तक कर्ज में डूबी शिवराज सरकार चुनाव से पहले फिर दो हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। खबर है कि ये कर्ज राज्य के विकास कार्यों के लिए लिया जा रहा है।इसको लेकर वित्त विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली है। वर्तमान में प्रदेश पर डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। बता दे कि इसके पहले राज्य सरकार ने भोपाल मेट्रो के लिए 3500 करोड़ रुपए का कर्ज यूरोपियन इनवेस्टमेंट बैंक से लिया था।

दरअसल, चुनाव को देखते हुए आचार संहिता से पहले शिवराज सरकार ने दर्जनों तबाड़तोड़ घोषणाएं की थी, जिन्हें पूरा करने के लिए अब सरकार को धन की जरुरत है, ऐसे में वित्त विभाग के पास पर्याप्त राशि ना होने के चलते प्रदेश सरकार दो हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। इसे मिलाकर 2018 में सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज की राशि 9 हजार करोड़ रुपए हो जाएगी।जिसके विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा।हालांकि सरकार की प्रदेश के बजट की 3.50 फीसदी राशि कर्ज के रूप में लेने की लिमिट है, उसके अंदर ही कर्ज लिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि तेरह साल पहले जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी, तब मध्यप्रदेश सरकार पर 23 हजार करोड़ का कर्जा था, लेकिन इन तेरह सालों में कर्जे की राशि 6 गुना से अधिक बढ़ गई है। फिर भी सरकार कुछ नई बैंकों और संस्थानों से कर्ज लेने की तैयारी में जुटी हुई है। वर्ष 2002-03 के दौरान सरकार पर 23 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज था। इसके बाद बनी भाजपा सरकार ने भी विकास कार्यों के नाम पर धड़ाधड़ कर्ज लिया। वित्त मंत्री जयंत मलैया ने मप्र सरकार पर एक लाख 11 हजार करोड़ का कर्ज 31 मार्च 2016 की स्थिति में बताया था।इस हिसाब से प्रदेश के हर नागरिक पर लगभग 13,800 रुपये का कर्ज है।

विधायक, पूर्व विधायक समेत कई नेताओं ने BJP छोड़ी

राजस्थान भाजपा में बगावत थमने का नाम नहीं ले रही है। विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के विरोध में भाजपा विधायक एवं पूर्व विधायक तथा कई मंडल अध्यक्षों ने बगावत करते हुए पार्टी छोड़ने की घोषणा की है।

डूंगरगढ़ से भाजपा विधायक किसनाराम नाई ने टिकट नहीं मिलने पर पार्टी छोड़ने के साथ भारत वाहिनी पार्टी से चुनाव लड़ने का घोषणा की है। इसी तरह पूर्व विधायक अशोक नागपाल ने सूरतगढ़ से टिकट नहीं मिलने पर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिय है। नागपाल श्रीगंगानगर से चुनाव लड़ेंगे।

बांसवाड़ा से पंचायती राज मंत्री धनसिंह रावत को टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर कई मंडल अध्यक्षों ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की है। इसी तरह जहाजपुर में शिवजी राम मीणा को टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थकों ने भीलवाड़ा में पार्टी कायार्लय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही दौसा से भाजपा सांसद हरीश मीणा कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

38 उम्मीदवारों के लिए कोर ग्रुप की बैठक
बगावत के बीच भाजपा में शेष 38 सीटों पर उम्मीदवार तय करने के लिए पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक मुख्यमंत्री निवास पर शुरू हुई है। श्रम मंत्री जसवंत यादव सहित कई नेताओं ने कोर ग्रुप के सदस्यों से मुलाकात की है।

विचारधारा के पोषक कार्यकतार्ओं को टिकट : महेश शर्मा
केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने गुरुवार को जयपुर में कहा कि विधानसभा चुनाव में सामुहिकता के आधार पर विचारधारा के पोषक तथा विकास पर चलने वाले कार्यकतार्ओं को टिकट दिया गया है। शर्मा ने बताया कि उम्मीदवारों का चयन एक सप्ताह में नहीं बल्कि पांच साल के आकंलन के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान को बीमारू से विकासशील राज्य बनाया है। प्रदेश में पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन क्षेत्र में काफी काम हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में विश्व मानचित्र पर भारत का स्थान 65 से 40 पर आ गया है।

जनसंपर्क में निकले कार्तिकेय, जनता ने खूब सुनाई खरी-खोटी

प्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। शिवराज सिंह चौहान प्रदेश भर में पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रचार-प्रसार में व्यस्त हैं। वहीं शिवराज की पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय बुधनी में प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। कुछ दिनों पहले ही साधना सिंह को जनसंपर्क यात्रा के दौरान कुछ महिलाओं ने खूब खरी-खोटी सुनाई थी। वहीं अब कार्तिकेय को भी जनता के विरोध का सामना करना पड़ा है।

बता दें कि शिवराज के बेटे कार्तिकेय अपने पिता के विधानसभा क्षेत्र बुधनी में जनसंपर्क यात्रा में निकले थे। यहां ग्रामीणों ने उनके सामने सड़क और पानी की समस्या को लेकर उन्हें घेर लिया। वहीं पार्टी समर्थकों ने ग्रामीणों को शांत करने की कोशिश भी की, लेकिन वे शांत नही हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में बहस हो गई और दोनों आपस में भिड़ गए। वहीं जब स्थानीय मीडिया इस घटना को कवर कर रहे थे, तो कार्तिकेय के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की जिसका मीडिया ने भी विरोध किया। पार्टी नेताओं का जनता के द्वारा इस तरह का विरोध होना बीजेपी के लिए चिंता का सबब बना हुआ है।

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