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Whatsapp ने कसी कमर, फर्जी खबरें रोकने वाले को देगा 35 लाख रुपये

नई दिल्ली 7 जुलाई 2018 । व्हाट्सएप ने फर्जी खबरों-वीडियो पर सरकार की चेतावनी के बाद मैसेजिंग एप का दुरुपयोग रोकने को कमर कस ली है। उसने फर्जी खबरें रोकने के उपाय सुझाने वाले को 50 हजार डॉलर यानी करीब 35 लाख रुपये देने का ऐलान किया है।

फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि स्वतंत्र शोधकर्ता के रूप में जो व्यक्ति उसके प्लेटफॉर्म पर दुष्प्रचार वाली खबरों का अध्ययन कर उनमें कमी लाने के तरीके बताएगा, उसे यह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मैसेजिंग एप ने इसके लिए व्हाट्सएप रिसर्च अवार्ड्स फॉर सोशल साइंस एंड मिसइनफॉरमेशन नाम से अभियान शुरू किया है।इसमें जिस शोधकर्ता के प्रस्ताव को पसंद किया जाएगा, उसे यह राशि शोध को आगे बढ़ाने और सॉफ्टवेयर तैयार करने को दी जाएगी। उसके डिजाइन को व्हाट्सएप, फेसबुक, पॉलिसी कम्युनिटी और सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों के बीच साझा किया जाएगा।फेसबुक और व्हाट्सएप उसके प्लेटफॉर्म पर अफवाहों के कारण विभिन्न राज्यों में भीड़ द्वारा बेकसूर लोगों को पीट-पीट कर मार डालने की घटनाओं के बाद घेरे में है। तमिलनाडु, असम, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में ऐसी घटनाओं के चलते दर्जन भर से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं। व्हाट्सएप उन देशों के शोधकर्ताओं को प्राथमिकता देगा, जहां उसका एप काफी लोकप्रिय है। ऐसे में भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया और मैक्सिको ऐसे ही देश हैं। पीएचडी या बिना पीएचडी के तकनीकी विशेषज्ञ भी अपने आइडिया दे सकते हैं।

12 अगस्त 2018 के पहले भेजने होंगे व्हाट्सएप को आवेदन।

– 14 सितंबर 2018 को संभावित शोधकर्ताओं की लिस्ट जारी होगी।

वर्कशॉप का भी होगा आयोजन

व्हाट्सएप ऐसे शोधकर्ताओं के लिए 29-30 अक्तूबर को कैलीफोर्निया में वर्कशॉप आयोजित करेगा, जिसमें उन्हें मैसेजिंग एप की कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा। चयनित शोधकर्ता अपनी रिसर्च एक दूसरे से साझा भी कर सकेंगे। अप्रैल 2019 तक शोध पूरा होने की संभावना है।

ये जिम्मेदारी होगी

-यूजर का कंटेंट पढ़े बिना गैरकानूनी गतिविधियों की पहचान करना
-चुनाव में कैसे व्हाट्सएप का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा
-व्हाट्सएप के नेटवर्क से निकलने वाली खबरें कैसे ट्रेंड कर रही हैं
-कैसे नई तकनीक को अलग-अलग क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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