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दिल्ली बीजेपी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन?

नई दिल्ली 3 जनवरी 2020 । एक और रिपोर्ट के अनुसार लगभग 21 सालों से दिल्ली की सत्ता से बाहर बीजेपी, मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर फ़िलहाल असमंजस में है. अख़बार का कहना है कि अब भी पार्टी नफ़े-नुक़सान का आकलन कर रही है कि विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल के मुक़ाबले वह सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़े या फिर मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में किसी चेहरे पर दांव लगाए.

दिल्ली विधानसभा के लिए प्रभारी बनाए गए प्रकाश जावड़ेकर ने भी माना है कि अभी पार्टी ने इस बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है. रिपोर्ट के अनुसार पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब तक नेतृत्व की ओर से कोई साफ़ संकेत नहीं दिए गए हैं लेकिन पार्टी में एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जिसका मानना है कि किसी चेहरे की बजाय सामूहिक नेतृत्व में पार्टी चुनाव लड़ती है तो उसे दिल्ली में फ़ायदा होगा.

लेकिन एक दूसरा वर्ग यह चाहता है कि अगर अरविंद केजरीवाल को कड़ी टक्कर देनी है तो इसके लिए किसी चेहरे को ही सामने लाना होगा. पार्टी में मुख्यमंत्री के चेहरे पर सुगबुगाहट तब शुरू हुई जब एक के बाद एक दो कार्यक्रमों में ख़ुद अमित शाह ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा से बहस की चुनौती दे डाली. इसके बाद ही यह माना जाने लगा कि वर्मा को कोई बड़ी ज़िम्मेदारी दी जा सकती है. हालांकि अब तक यह साफ़ नहीं हुआ कि शाह की ओर से वर्मा के ज़िक्र करने का मक़सद क्या था.

सेना राजनीति से दूर रहती है: जनरल रावत
देश के पहले चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ़ (सीडीएस) का पद संभालने के बाद जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सेना राजनीति से दूर रहती है. उन्होंने कहा कि जो भी सरकार होती है, सेना उसके आदेशों पर काम करती है. जनरल रावत ने यह बात विपक्षी दलों की ओर से लगाए गए राजनीतिक झुकाव के आरोपों पर कही है. जनरल रावत के इस बयान को टाइम्स ऑफ इंडिया ने काफ़ी अहमियत दी है.

रावत ने कहा कि उनका फ़ोकस तीनों सेनाओं यानी 1+1+1 को मिलाकर 3 नहीं बल्कि 5 या फिर 7 करने पर होगा. ये तीनों ही सेना टीमवर्क के रूप में काम करेंगी और सीडीएस उस पर नज़र रखेगा. पीएम मोदी ने सीडीएस की नियुक्ति को ऐतिहासिक बताया है.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जनरल रावत की सीडीएस के रूप में नियुक्ति पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को ‘भ्रमित’ पार्टी बताया है. कांग्रेस ने अपने दो नेताओं अधीर रंजन चौधरी और मनीष तिवारी के बयानों से दूरी बना ली थी. पार्टी ने कहा था कि सुरक्षा को मज़बूत बनाने के क़दम का हम विरोध नहीं करते.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सीडीएस के पद को संस्थागत रूप देना महत्वपूर्ण और व्यापक सुधार है, जो देश को युद्ध की बदलती चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा. सीडीएस बिपिन रावत कार्यभार संभालने के बाद तीनों सेना प्रमुखों से भी मिले.

अमित शाह सीख रहे हैं बांग्ला
दैनिक जागरण अख़बार में आज यानी गुरुवार को चौथे पन्ने पर एक रिपोर्ट छपी है कि केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी प्रमुख अमित शाह बांग्ला भाषा सीख रहे हैं. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमित शाह ऐसा पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कर रहे हैं. अभी बंगाल में विधानसभा चुनाव होने में एक साल से ज़्यादा का वक़्त बाक़ी है.

अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, “एक ओर जहां तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पिछले साल लोकसभा चुनाव के बाद से ही तैयारी में जुटी हैं तो बीजेपी भी पीछे नहीं है. बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है. चुनावी रणनीति बनाने में कहीं कोई चूक न रहे और इस मामले में भाषा आड़े न आए, इसके लिए बीजेपी अध्यक्ष बांग्ला (भाषा) सीख रहे हैं. उन्होंने बांग्ला शिक्षक को रखा है.”

अख़बार ने लिखा है, “अपनी सभाओं में ममता बीजेपी अध्यक्ष को बाहरी कहकर संबोधित करती हैं ऐसे में अमित शाह बांग्ला सीखकर जवाब देना चाहते हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में चूकने और झारखंड में पार्टी की हार के बाद अब अमित शाह बंगाल में चुनावी कमान अपने हाथ में रखना चाहते हैं. इसके लिए कायकर्ताओं से संवाद और समन्वय ज़रूरी है. लिहाजा भाषा कहीं इस रणनीति में आड़े न आए इसलिए शाह बांग्ला सीख रहे हैं.”

विजय माल्या की संपत्तियों के इस्तेमाल की अनुमति
स्पेशल कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के नेतृत्व वाले 15 बैंकों के कंसोर्टियम को पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या की चल संपत्तियों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है. इस ख़बर को हिन्दुस्तान टाइम्स ने प्रमुखता से छापा है. इन संपत्तियों से बैंक माल्या के क़र्ज़ की वसूली कर सकते हैं.

विजय माल्या मार्च, 2016 में देश छोड़कर भाग गए थे और इस समय ब्रिटेन में रह रहे हैं. प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत विशेष अदालत ने उन्हें अपराधी घोषित कर 2016 में उनकी संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया था. उनकी चल संपत्तियों में यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग लिमिटेड (यूबीएचएल) के शेयर जैसी वित्तीय बॉन्ड शामिल हैं.

सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत किसी व्यक्ति को अपराधी घोषित किए जाने के बाद अदालत उसकी चल संपत्तियों को ज़ब्त करने का आदेश देती है. प्रावधानों के तहत उसी व्यक्ति को अपराधी घोषित किया जा सकता है जिसके ख़िलाफ़ वॉरंट जारी किया गया हो और अदालत को लगे कि वह भाग गया है या वॉरंट के लागू होने से बच रहा है.

इससे पहले बैंकों के कंसोर्टियम ने विशेष अदालत में आवेदन दाखिल कर माल्या की चल संपत्तियों को रिलीज करने की मांग की थी. बैंकों के कंसोर्टियम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव पाटिल ने बताया कि विशेष अदालत ने मंगलवार को चल संपत्तियों को रिलीज करने का आदेश दे दिया है. साथ ही अपने आदेश पर 18 जनवरी तक रोक लगा दी है ताकि संबंधित पक्ष बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील कर सकें.

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