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MP में कांग्रेस का ”सेनापति” कौन, विधानसभा से बहिगर्मन पर अलग-अलग नेतृत्व तो हार पर हर नेता ”रायचंद” बना

भोपाल 12 मार्च 2022 । मध्य प्रदेश में कांग्रेस का नेतृत्व कौन कर रहा है यह सवार विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों ही स्थानों पर गूंजने लगा है। सदन के बाहर पांच राज्यों में पार्टी की हार पर हरेक नेता रायचंद बन गया है तो सदन के भी कार्रवाई से बहिगर्मन का फैसला कभी नर्मदा प्रसाद प्रजापति नेतृत्व करते हैं तो कभी डॉ. गोविंद सिंह के नेतृत्व में पार्टी के सदस्य बाहर चले जाते हैं। कभी पार्टी से हटकर अकेले ही कोई विधायक सरकार से असंतुष्ट होकर बहिगर्मन कर देते हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ हैं। प्रदेश में कमलनाथ के समकक्ष पार्टी के भीतर दिग्विजय सिंह काफी सक्रिय रहते हैं जिससे संगठन में उनकी सीधी दखलदांजी भले न हो लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से उनकी पकड़ ज्यादा है। इस समय जब पार्टी पांच राज्य के विधानसभा चुनाव में काफी निराशाजनक परिणाम आए हैं, ऐसे दौर में केंद्रीय नेतृत्व पर प्रदेश के छोटे-बड़े सभी तरह के नेता उंगली उठा रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व इन पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा है।

विधायक से लेकर संगठन पदाधिकारी दे रहे राय
विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हार मिलने के बाद वरिष्ठ विधायक सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के विधायक पुत्र जयवर्धन सिंह से लेकर पीसीसी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष सैयद जाफर केंद्रीय नेतृत्व को राय देने से पीछे नहीं हटे हैं। सज्जन सिंह वर्मा ने व्यापक बदलाव की सलाह दी है तो जयवर्धन सिंह ने 18 से 20 घंटे काम करने की राय दे दी है। जाफर ने केंद्रीय नेतृत्व को चापलूसों को दूर कर युवा व चुनाव जीतने वाले लोगों को आगे करने की बात कह दी है। विधानसभा के अंदर कोई भी ले लेता है फैसला
विधानसभा के भीतर कार्रवाई के दौरान सरकार के जवाब या रवैये से नाखुश होकर कांग्रेस विधायक दल में नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति में कोई भी फैसला ले लेता है। पिछले दिनों एक प्रश्न के जवाब से जब सुखदेव पांसे संतुष्ट नहीं हुए तो अकेले ही बहिगर्मन कर गए। इसी तरह जब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने अपने माइक बंद होने की बात को सही ढंग से नहीं सुने जाने का आरोप लगाते हुए अपने नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल के बहिगर्मन का फैसला कर लिया। वहीं, जयवर्धन सिंह के एक सवाल का सरकार के मंत्री सही जवाब नहीं दे पाए तो डॉ. गोविंद सिंह ने अपने नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल के बहिगर्मन का निर्णय ले लिया। इसके पहले विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का जीतू पटवारी ने व्यक्तिगत स्तर पर सोशल मीडिया से बहिष्कार के फैसले की सूचना सबको दी थी।

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