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किसने भेजी कमलनाथ के मंत्री को खून से लिखी चिट्ठियां

भोपाल 17 अक्टूबर 2019 । चुनावी हलचल के बीच इन दिनों कमलनाथ के मंत्री के बंगले पर पहुंचने वाली चिट्ठियां चर्चा का विषय बनी हुई है।इन चिट्ठियों पर मंत्री के बंगले के पते के साथ खून से ‘बीएफएससी ऑनली’ लिखा गया है।इन चिट्ठियों के माध्यम से पशुपालन मंत्री लाखन सिंह से पांच मांगे की गई है। खास बात ये है कि ये सभी चिट्टिय़ां खून से लिखी हुई है।इधर एक के बाद एक खून से लिखी चिट्ठियां के मिलने से हड़कंप मच गया है। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को समाधान के लिए निर्देश दिए है।

बताया जा रहा है कि ये चिट्ठियां मत्स्य विज्ञान कॉलेज जबलपुर के छात्रों द्वारा लिखी गई है, जिसमें मत्स्य महासंघ में सहायक प्रबंध के पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता केवल चार वर्षीय कोर्स BFSc किया जाए, मत्स्य विभाग में मतस्य निरीक्षक और सहायक मत्स्य अधिकारी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता केवल चार वर्षीय कोर्स BFSc किया जाए, सहायक निदेशक पदों की भर्ती मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित हो और उसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता केवल BFSc/MFSc किया जाए आदि मांगे की गई है।

आए दिन एक के बाद एक चिट्ठी मिलने से हलचल मच गई है।चिट्टियां को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही है।इधर मंत्री ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रों की समस्या का समाधान करने को कहा है।वही बीजेपी ने छात्रों को खून से चिट्ठी लिखने की मजबूरी पर सरकार को घेरा है।

वीर सावरकर पर दिग्गी का बड़ा बयान, शिवराज बोले- ‘दिग्विजय उनके चरणों की धूल भी नहीं’
भोपाल| महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर को भारत रत्न देने के वादे पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं| विपक्ष यह कह कर भाजपा पर हमला बोल रहा है कि वह एक ऐसे व्यक्ति को कैसे भारत रत्न देने की मांग कर रही है जिस पर देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या में शामिल होने का आरोप हैं। इस बीच अपने बयानों से सुर्ख़ियों में रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है|

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का कहना है कि महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में भी उनका नाम आया था। उन्होंने कहा कि उनके जीवन के दो पहलू हैं, वह अंग्रेजों से माफी मांगकर वापस आ गए थे। बता दें कि महाराष्ट्र में पिछले दिनों भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र चुनाव के लिए पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया था। इसमें वीर सावरकर के अलावा महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले को भारत दिए जाने का वादा किया गया है।

दिग्विजय के बयान पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया है| उन्होंने कहा वीर सावरकर महान देशभक्त, चिंतक, विचारक थे। देश को आजाद कराने के लिए जिस शौर्य का प्रदर्शन उन्होंने किया, जितनी यातनाएं सही है, उससे दुनिया परिचित है। दिग्विजय सिंह जी उनके चरणों की धूल भी नहीं हैं। स्वातंत्र्यवीर सावरकर को भारत रत्न देना देशभक्ति का सम्मान होगा।

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