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काशी आकर महात्मा गांधी क्यों हो गए थे उदास, योगी आदित्यनाथ ने बताया

नयी दिल्ली 14 दिसंबर 2021 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 100 वर्ष पहले वाराणसी आने के बाद महात्मा गांधी ने जो दर्द व्यक्त किया था अब वो दूर हो गया। काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन के मौके पर यूपी के सीएम ने कहा कि इस कॉरिडोर के जरिए महात्मा गांधी के दर्द को भी खत्म कर दिया गया है जो उन्होंने 100 बरस पहले यहां आने के बाद जताई थी। सीएम ने कहा, ‘यह हमारी तकदीर है कि बाबा विश्वनाथ धाम 100 बरस पहले महात्मा गांधी के दर्द का गवाह भी बना। यहां आने के बाद जब महात्मा गांधी ने संकरी गलियां देखी और इसके आसपास की भीड़ को देखा तो उन्हें दर्द हुआ। कई लोगों ने उनके नाम का इस्तेमाल किया, लेकिन सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी के सपनों को साकार किया।’

एक वीडियो प्रजेन्टेशन के जरिए दिखाया गया कि जब साल 1916 में महात्मा गांधी काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे तब मंदिर परिसर को काफी कन्जस्टेड हालत में देखने के बाद वो उदास हो गए। यहां अतिक्रमण उस वक्त काफी ज्यादा था और लोगों को यहां पूजा-अर्चना करने में भी काफी तकलीफ होती थी। काशी हिंदू यूनिवर्सिटी (अब बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी) में अपने संबोधन के दौरान महात्मा गांधी ने अपने इस दुख का जिक्र किया था। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में काशी विश्वनाथ गलियारे को लोगों को समर्पित किया। उद्घाटन में बड़ी संख्या में साधु-संतों ने भाग लिया, जिन्होंने बाद में नए परिसर में स्थित भोजनालय में भोजन किया। करीब 339 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना के प्रथम चरण में सोमवार को कुल 23 भवनों का उद्घाटन किया गया। इनमें श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएं होंगी, जैसे कि यात्री सुविधा केंद्र, वेद केंद्र, भोगशाला, नगर संग्रहालय, दर्शक दीर्घा, फूड कोर्ट आदि।

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