मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> ब्लेड का डिज़ाइन ऐसा क्यों होता है?

ब्लेड का डिज़ाइन ऐसा क्यों होता है?

नई दिल्ली 19 दिसंबर 2019 । ब्लेड बने शेव करने के लिए. शेव तो उस्तरे से भी होता था मगर जब मार्केट में रेजर आया तो उसे सेफ्टी रेजर कहा गया. क्योंकि इससे एक तो कटने का चांस कम हो गया. दूसरा खून से फैलने वाली बीमारियां जैसे HIV कंट्रोल हो सकें. अब अगर किसी संक्रमित आदमी पर चला उस्तरा आप पर चल गया और दोनों के खून मिक्स हो गए, तो आप फंस सकते हैं. सेफ्टी रेजर के साथ आया सेफ्टी ब्लेड. विल्किंसन की धार. याद है? याद है तो ये भी याद होगा कि ब्लेड में बीच में डिज़ाइन होती है. यानी ब्लेड बीच से कटा होता है. मालूम है ये डिज़ाइन क्यों होती है?

दिल के खुश रखने को ग़ालिब ये ख्याल अच्छा है. लेकिन ब्लेड के बीच में छेद इसलिए नहीं होता कि आप उसे बीच से तोड़ सकें.

बल्कि इसलिए होता है क्योंकि जिलेट के फैंसी रेजर के पहले भी रेजर बनते थे. वो प्राचीन थे. उनमें ब्लेड लगाने के लिए उनका ढक्कन खोलकर ब्लेड फंसाना पड़ता था.

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

राहुल ने जारी किया श्वेतपत्र, बोले- तीसरी लहर की तैयारी करे सरकार

नई दिल्ली 22 जून 2021 । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस …