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जिन विधायकों के समर्थन से कमलनाथ ने बनाई सरकार, अब वो ही करवा रहे हैं फजीहत

नई दिल्ली 21 जुलाई 2019 । मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से गठबंधन करके फिर मुसीबतों में पड़ गई है. अल्पमत में गई सरकार को सहारा देने वाली दो बसपा विधायकों में एक के पति एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में वांछित हैं. शुक्रवार को विधानसभा में उनकी उपस्थिति के बाद हंगामा होने से सत्तारूढ़ को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा. बसपा विधायक रामबाई ठाकुर के पति गोविंद ठाकुर के खिलाफ पिछले चार महीनों से गिरफ्तारी वारंट होने के बावजूद वे विधानसभा परिसर में टहल रहे थे. उनकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम था.

टीवी चैनलों पर ठाकुर के विधानसभा परिसर में टहलने के वीडियो आने के बावजूद गृह मंत्री बाला बच्चन अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि हम मामले की जांच करेंगे. बता दें कि चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल होने वाले बसपा के पूर्व वरिष्ठ नेता देवेंद्र चौरसिया की लोकसभा चुनावों से पहले मार्च में हत्या कर दी गई थी. इस मामले में ठाकुर और उनके साथी आरोपी हैं. ठाकुर ने इससे पहले मीडिया से कहा था कि वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे. सरकार ने पिछले महीने उनकी गिरफ्तारी पर से इनाम हटा दिया, जिसके बाद पार्टी तथा विपक्ष में असंतोष फैल गया था.

सोमेश ने कहा, ‘मैंने अपने पिता की हत्या देखी है और अदालत में बयान दर्ज कराया है कि मेरे पिता की हत्या करने वालों में गोविंद सिंह ठाकुर शामिल हैं. अब मुझे लगता है कि मेरे पिता ने कांग्रेस में आकर गलती की थी.’ गौरतलब है कि विधानसभा में 114 विधायकों के साथ कांग्रेस सदन में 108 विधायकों वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सिर्फ मामूली बढ़त पर है. चार निर्दलीय, बसपा के दो और समाजवादी पार्टी (सपा) के एक विधायक का कांग्रेस को समर्थन है.

सीएम कमलनाथ ने अचानक बुलाई बैठक, मंत्रियों से कहा- विपक्ष के सामने कमजोर पड़ रहा है सत्ता पक्ष

सीएम कमल नाथ ( Kamal Nath) ने शुक्रवार को अचानक अनौपचारिक कैबिनेट बैठक बुलाई। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि भाजपा को कई मौका नहीं देना चाहिए। हमें अपने साथियों को पूरी तज्ज्वों देना है। कमलनाथ ने मंत्रियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- मंत्री विधानसभा में तैयारी से नहीं आते हैं।

विपक्ष के आगे सत्ता पक्ष कमजोर
सीएम कमल नाथ ने मंत्रियों से कहा कि विपक्ष की तैयारियों के आगे सत्ता पक्ष कमजोर हो रहा है। बैठक के दौरान मंत्रियों ने भाजपा के पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह के बयान के मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की तैयारी भी बनाई। जिसका असर सदन में दिखाई दिया और मंत्री गर्भगृह में उतर कर विपक्ष को घेरने लगे।

समर्थन देने वालों की नाराजगी करो दूर
इस बैठक में सीएम कमलनाथ ने मंत्रियों से कहा कि बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों की नाराजगी दूर की जाए। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को बैठक से पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सीएम कमलनाथ से मुलाकात की थी। इस दौरान सत्ता और संगठन को लेकर चर्चा की गई थी।

विधायकों की बात पूरी तरह से सुनी जाए
कमलनाथ ने बैठक में कहा कि कुछ विधायकों की शिकायत है कि मंत्री उनकी बातों को नहीं सुनते हैं। सीएम ने कहा- अपने विधायकों की समस्याओं को पूरी तरह से सुना जाए और उनके क्षेत्र की समस्याओं को जल्द से जल्द हल किया जाए। उन्होंने मंत्रियों से अपने क्षेत्र और प्रभार वाले क्षेत्र में सामंजस्य बैठाने को कहा। बता दें कि हाल ही में कई विधायकों ने मंत्रियों की शिकायत सीएम कमलनाथ से की थी। विधायकों की शिकायत है कि मंत्री उनके क्षेत्र के विकाश में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिसके बाद सीएम कमलनाथ हर कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों से विधायकों की बात सुनने के निर्देश दे रहे हैं।

हाल ही में सीएम कमलनाथ ने विधायक दल की बैठक बुलाई थी जिसमें बसपा के एक और सपा के एक विधायक नहीं पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि मंत्री उनके क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं।

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