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वाह कमलनाथ जी इतिहास रच दिया

नई दिल्ली 26 दिसंबर 2018 । सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ,पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ समन्यबय बिठाकर मंत्रिमंडल का गठन कर एक नई मिशाल बनाई है .प्रदेश की राजनीति में आज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक नया इतिहास रच कर राजनीति में नया आयाम जोड़ा है .

मंत्रिमं डल में कोई छोटा न बड़ा सबके सब बराबर ,यानि सभी मंत्री केबिनेट बनाये गए हैं .देश की राजनीति में यह पहलीबार हुआ है.

देश में पहली बार मध्य प्रदेश के किसानों को मिलेगी पेंशन
भोपाल। मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ नए बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं। कर्जमाफी के बाद अब कमलनाथ सरकार किसानों को एक और बड़ी सौगात देने जा रही है। मध्य प्रदेश में किसानों को अब मासिक पेंशन मिलेगी। इसके लिए किसानों की पात्रता तय की गई है।

सीएम कमलनाथ ने किसानों की पेंशन योजना जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। भोपाल में गुरुवार को हुई कृषि विभाग की बैठक में कमलनाथ ने ये निर्देश दिए हैं। दरअसल, चुनाव में कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में किसानों के लिए सामजिक सुरक्षा पेंशन योजना शुरू करने का जिक्र किया था।

अब जब कांग्रेस सरकार बनाने में सफल हुई है तो वचन पत्र में किए गए वचन को अमल में लाने की कवायद भी शुरू हो गई है। गुरुवार को हुई कृषि विभाग की बैठक में कमलनाथ ने किसानों की पेंशन योजना जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस फैसले का लाभ 60 साल से ऊपर की उम्र के किसानों को मिलेगा। उन्हें हर महीने 1 हजार रुपए पेंशन दी जाएगी।

ये रहेंगे पेंशन के हकदार
किसानों के लिए नई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना शुरू की जा रही है। इसके अंतर्गत एक हजार रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी, जिसमें 60 वर्ष के ऊपर एवं 2.5 एकड़ से कम भूमिधारक तथा अन्य किसी स्त्रोतों से आय न होने वाले किसान पात्र होंगे। इस योजना से सरकारी खजाने पर 1200 करोड़ सालाना का बोझ पड़ेगा। इस योजना का लाभ प्रदेश के दस लाख किसानों को मिलने की संभावना है। योजना के तहत उन्हीं को इसका लाभ मिलेगा, जो पूरी तरह कृषि पर आधारित हैं। इस तरह की व्यवस्था करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य होगा। कृषि विभाग इस योजना को अमलीजामा पहनाने में लग गया है, पात्र किसानों की सूची बनाई जा रही है। विभाग आधार से लिंक और कृषि उपज बेचने के लिए सहकारी समितियों और कृषि विभाग के पास पंजीयन कराने वाले किसान का डाटा छांट रहा है।

युवाओं को नौकरी देने वाले उद्योगों को 5 हजार प्रति व्यक्ति का अनुदान
प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लागू उद्योग प्रोत्साहन योजना में सरकार ने बदलाव कर दिया है। अब उन्हीं उद्योगों को सरकारी मदद मिलेगी, जो मप्र के लोगों को नौकरी देंगे। उद्योग विभाग की ओर से इस संंबंध में नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत उद्योग में उत्पादन शुरू होने के बाद मप्र के युवाओं की नियुक्ति देने के पर 5 हजार रुपए प्रति व्यक्ति की सहायता पांच साल तक दी जाएगी।

साथ ही कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए 13000 रुपए का अनुदान 5 साल तक दिया जाएगा। उद्योग प्रोत्साहन योजना में उद्योगों के लिए कई तरह की सहायता दी जा रही है। उद्योगों को 5 रुपए प्रति यूनिट की दर पर 5 साल तक सस्ती बिजली मिलेगी। 5 प्रतिशत व्याज का अनुदान राज्य सरकार अगले 7 साल तक भरेगी।

इसके लिए राज्य शासन ने शर्त रखी है कि नियोक्ता को उत्पादन शुरू होने पर पहले साल मप्र के 50 फीसदी लोगों को नौकरी। 3 साल के भीतर 75 फीसदी एवं 5 साल के भीतर 90 फीसदी मप्र के युवाओं को नौकरी देनी होगी, जो उद्योग इस नीति का पालन नहीं करेंगे। उन्हें किसी भी तरह की मदद नहीं दी जाएगी।

मध्य प्रदेश की सत्ता में आए बदलाव से वरिष्ठ आईएएस मोहंती को केंद्रीय प्रशासनिक अभिकरण का झटका
मध्य प्रदेश में सत्ता में आए बदलाव के साथ सरकारी निजामों के बदलने का दौर जारी है. जिसके चलते मुख्य सचिव भी नया बनाया जाना है. मुख्य सचिव की दौड़ में सबसे आगे चल रहे वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एस.आर. मोहंती के लिए केंद्रीय प्रशासनिक अभिकरण (केट) से बड़ा झटका लगा है. राज्य के उद्योग विकास निगम में हुई गफलत का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आने लगा है. मामला वर्ष 2000 से 2004 के बीच है, जब आईएएस एस आर मेाहंती प्रबंध निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) हुआ करते थे. इस दौरान आर्थिक अनियमितताओं के चलते आर्थिक अन्वेषण विंग (एकनॉमिक अदेंस विंग) ने 24 जुलाई 2004 को मोहंती सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था.

इस एफआईआर को जबलपुर उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था. यह मामला लेकर सरकार सर्वोच्च न्यायालय गई. इसी बीच मोहंती की ओर केट की जबलपुर शाखा में अपील की. यह मामला प्रमुख बेंच (प्रिंसिपल बेंच) केट के पास पहुंचा और उसने इस मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए मोहंती के आवदेन का खारिज करते हुए छह माह में अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए है.

केट की प्रमुख बेंच के चेयरमैन एल. नरसिंहा रेड्डी और सदस्य प्रदीप कुमार द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है- ‘हमें दिनांक 12 जनवरी 2004 या 22 फरवरी 2010 के प्रभारी ज्ञापन में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं मिला. इस मामले में पहले ही लगभग एक दशक की देरी हो चुकी है, और यह किसी भी देरी का कारण नहीं बन सकता है. यह आवेदक के हित में भी है कि यदि वह निर्दोष के रूप में उभरता है, तो पदोन्नति और ऊपर की ओर बढ़ने के उसके रास्ते प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं होते हैं. हम इस तथ्य पर भी ध्यान देते हैं कि आपराधिक कार्यवाही को अंतिम रूप देना बाकी है, इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया बढ़ाई जाए.’

सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है-“पल एंथोनी बनाम भारत गोल्ड माइंस लिमिटेड ((1999) 3 एससीसी 679), जिसमें यह कहा गया था कि यदि आपराािक कार्यवाही के निष्कर्ष के लिए अािक समय लगने की संभावना है, तो अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रखी जा सकती है.” मोहंती जिस दौर में उद्योग विकास निगम के प्रबंध निदेशक थे उस दौर में कई कंपनियों को पूर्व अनुमति के बगैर सैकड़ों करोड़ का कर्ज दिए जाने का आरोप है. यही मामला आगे चलकर उनके लिए मुसीबत बन गया है. यह कर्ज भास्कर इंडस्टीज, एन बी इंडस्टीज, जी के एक्सिम,सोम डिस्टिलरी, सूर्या एग्रो आइल और वेस्टर्न टुबेको लिमिटेड को देने का आरोप है.

आदेश में कहा गया है कि ओए (ऑरीजनल एप्लीकेशन) को खारिज करते हैं, और अनुशासनात्मक प्राधिकारी को अनुशासनात्मक कार्यवाही को तेज करने का निर्देश देते हैं, और इस आदेश की प्राप्ति की तारीख से छह महीने की अवधि के भीतर उनका निष्कर्ष निकालते हैं. लागत के रूप में कोई आदेश नहीं किया जाएगा. केट के इस फैसले ने मोहंती की मुसीबतें बढ़ा दी है, क्योंकि वे राज्य के मुख्य सचिव की दौड़ में सबसे आगे हैं. केट के फैसले में सीधे तौर पर अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रखने की बात कही गई है. अब देखना होगा कि सरकार उनके खिलाफ केट के आए आदेश का तोड़ कैसे खोजती है.

सिंधिया ने गौर को गले लगाया -बधाई दी

कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया आज भोपाल में मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में राजभबन पहुंचे ,इस दौरान कई गणमान्य नागरिकों ,बिधायकों से मिले .इस बीच श्री सिंधिया जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के सामने पहुंचे तो श्री गौर खड़े हो गए ,तब श्री सिंधिया ने श्री गौर को गले लगा लिया .दोनों ने एक दूसरे को बधाई और शुभकामनायें दीं . यह एपिसोड चर्चा का विषय रहा .

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