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बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना की आयुर्वेदिक दवा

नई दिल्ली 20 फरवरी 2021 ।  योग गुरु बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए एक नई दवा लॉन्च की है. आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान रामदेव ने यह ऐलान किया.

उनके इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे. बाबा रामदेव ने जानकारी दी कि पतंजलि के कोरोनिल टैबलेट से अब कोरोना का इलाज होगा.

उन्होंने दावा किया कि आयुष मंत्रालय ने करोनिल टैबलेट को सहायक दवाई के तौर पर स्वीकार किया. प्रेस वार्ता के दौरान पतंजिल ने कोरोनिल से जुड़े रिसर्च बुक भी जारी की.आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल टैबलेट को कोरोना की दवा के तौर पर स्वीकार कर लिया है. पतंजलि का कहना है कि नई कोरोनिल दवा CoPP-WHO GMP सर्टिफाइड है.

पहले कोरोनिल दवा को पिछले साल इम्युनिटी बुस्टर के तौर पर बाजार में उतारा गया था लेकिन आमतौर पर इसका इस्तेमाल कोरोना के उपचार की दवा के तौर पर ही हुआ. अब ये कोरोना लाभकारी दवा के तौर पर लांच किया गया है.

योग गुरु ने कहा कि चिकित्सा की दुनिया में भारत पूरी दुनिया में लीड करेगा. प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मुझे खुशी है कि आयुर्वेद में शोध करने के लिए बाबा जी ने अनुसंधान संस्था बनाई है. आयुर्वेद पर पहले भी भरोसा था. लेकिन अब रिसर्च किया गया है. लैब से प्रमाणिकता मिल गई है.कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मॉर्डन और साइंटफिक तरीके से आयुर्वेद को स्थापित करने के यज्ञ में जितनी आहूति डाली जाएगी, उतना ही बेहतर होगा.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में आयुष मंत्रालय ने 140 स्थानों पर स्टडी की. मैंने सबके रिजल्ट्स देखें. सभी परिणाम सकारात्मक नजर आए. लोगों को स्वस्थ्य रखने की दिशा में आयुर्वेद का जो योगदान है, उसे किसी सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं है.सेवन की विधि-

कोरोनिल दवा में 3 दवाएं हैं- श्वासारी वटी, कोरोनिल टैबलेट और अणु तैल. इसमें श्वासारी वटी को दिन में 3 बार 2 गोलियां सुबह नाश्ते और दोपहर और रात में भोजन से पहले गर्म जल से लेना है.
नाश्ते और दोपहर व रात के भोजन के आधे घंटे बाद कोरोनिल टैबलेट की 2 गोलियां लेनी हैं. दिव्य अणु तेल को सुबह खाली पेट दोनों नाक में दोनों ओर 4-4 बूंदें डालना है.

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