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पहली बार पाकिस्तान मे जो हुआ उस पर आप यकीन नही करेंगे, जैश हुआ इमरान के खिलाफ

नई दिल्ली 5 मार्च 2019 । इमरान खान सरकार को लेकर जैश ने अपने बयान में कहा, “पहले उन्होंने भारतीय पायलट को रिहा किया और अब उन्होंने हमारे मदरसों पर नकेल कसने का फैसला लिया है। वह अपने दुश्मन (भारत) की ओर काफी नरम बने हुए हैं और अपने ही लोगों (जैश) के प्रति सख्त हैं।” साथ ही इस आतंकी संगठन का कहना है कि इसने अपने कैडरों को पलायन और नए संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा है।

आपको बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली थी, इसके बाद से भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बना कर आतंकी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तानी सरकार को ही खड़ा कर दिया और विश्व समुदाय के सहारे कूटनीतिक जीत पाकिस्तान पर हासिल की। जिसके बदले पाकिस्तान को भारत सरकार के सामने झुकना पड़ा। जिससे आतंकी संगठन अपने ही देश की सरकार को भारत हितैषी बता रही है।

पाक के पीएम ने इंडियन पीएम को लिखा लेटर, व कह दी ऐसी बात की अब…
पाकिस्तान हमेशा से इस बात से मना करता रहा है कि उसकी सरजमीं पर आतंकवाद व उसके पनाहगार पल रहे हैं. वह अपनी जमीन का प्रयोग आतंकवाद के लिए होने की बात भी नकारता रहा है लेकिन आखिरकार उसने यह बात मान ली है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का मुखिया मसूद अजहर पाक में हैं व उसकी तबीयत बेकार है.पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक टीवी चैनल पर इस बात को कबूला है कि अजहर पाक में है.

कुरैशी से जब सीएनएन के क्रिश्चियन अमनपोर ने पूछा गया कि क्या जेईएम का मुखिया अजहर पाक में है? यदि हां तो क्या आप उसे पकड़ोगे? इसपर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा, ‘मेरी जानकारी के अनुसार वह पाक में है. उनकी तबियत बहुत बेकार है. वह इस हद तक अस्वस्थ है कि वह अपना घर तक नहीं छोड़ सकता. मेरे पास यही सूचना है.‘ उन्होंने अजहर को अरैस्ट करने के सवाल का जवाब नहीं दिया.

अमनपोर ने जब पूछा कि पाक ने अभी तक अजहर को अरैस्ट क्यों नहीं किया है तो विदेश मंत्री ने बोला कि उन्हें ठोस व अपरिहार्य सबूत चाहिए जिससे कि वह लोगों वपाक की स्वतंत्र न्यायप्रणाली को मना सकें. जब कुरैशी से पूछा गया कि क्या दो राष्ट्रों के बीच चल रहे तनाव को समाप्त करने के लिए पाक अजहर के नाम को अतंरराष्ट्रीय आतंकवादियों की सूची में डालने का स्वागत करेगा तो उन्होंने कहा, ‘हम हर उस विकल्प के लिए तैयार हैं जिससे कि युद्ध का माहौल समाप्त होता हो. यदि उनके पास अच्छे व ठोस सबूत हैं तो हम बैठकर बात करेंगे. हमारे साथ वार्ताप्रारम्भ करें हम उन्हें अपना विवेक दिखाएंगे.‘

युद्ध के खतरे को देखते हुए कुरैशी ने बोला कि सशस्त्र प्रयत्न दोनों राष्ट्रों के लिए आपसी आत्महत्या होगी. उन्होंने बोलापाक के पीएम ने इंडियनपीएम को लेटर लिखा है. जिसमें उनका कहना है, ‘दोनों विदेश मंत्रियों को न्यूयॉर्क में मिलने दीजिए ताकि वे आगे का रास्ता तय कर सकें.‘ मंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो का धन्यवाद किया क्योंकि उन्होंने दोनों राष्ट्रों के बीच युद्ध को समाप्त करने में अपनी रुची दिखाई है.

पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा कि हालत है खराब, सीमा क्षेत्र का किया दौरा
पुलवामा हमले के बाद भारत की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है, साथ ही जम्मू कश्मीर में भी भारी तादाद में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. इन हालात के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान सेना अपनी सीमाओं की सुरक्षा में सक्षम है. सियालकोट के सीमा क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे बाजवा ने कहा कि अपनी मातृभूमि की रक्षा से बड़ा कोई और काम नहीं है.

दोनों मुल्कों में तनाव के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख का यह दौरा दिखाता है कि भारत की ओर से पुलवामा हमले के बाद दिखाए गए सख्त रुख से पड़ोसी मुल्क में खौफ का माहौल है. बाजवा ने कहा कि हमारे जवान अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए हर वक्त तैयार हैं और अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी के साथ निभाने में सक्षम भी हैं. उन्होंने सियालकोट की सीमा पर तैनान जवानों से भी मुलाकात की है.

हर हमले का देंगे जवाब

बाजवा ने अपने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उनके काम की तारीफ की और कहा कि देश की सुरक्षा मजबूत हाथों में है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने दुश्मन को उसी की भाषा में जवाब देने की हिम्मत रखता है. सेना प्रमुख बाजवा ने कहा कि हम अपनी मातृभूमि के हर इंच की रक्षा करने की काबिलियत रखते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर हमला होता है तो पाकिस्तानी सेना उसका तुरंत और करारा जवाब देगी.

सियालकोट में जनरल बाजवा ने सेना की तैयारियों का जायजा लिया, साथ ही उन्होंने भारत के रुख पर कहा कि हम इसका सख्ती से जवाब देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है लेकिन हम किसी के धमकाने में आने वाले नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह की कार्रवाई होती है तो उसका जवाब उसी तरह से दिया जाएगा.

बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे. पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, बावजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से साफ इनकार किया है. इमरान ने भारत के सख्त रुख के बाद रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक और मौका देने की बात कही है, ताकि वह हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें.

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