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सीएए और एनआरसी पर आपकी शंकाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब

नई दिल्ली 24 दिसंबर 2019 । नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत असम से हुई. वहां के लोगों का मानना है कि पिछले 35 सालों से एनआरसी लागू न करने और अब नागरिकता संशोधन बिल में समय सीमा बढ़ाने से अवैध शरणार्थियों को नागरिकता मिल जाएगी. 31 अगस्त 2019 को एनआरसी की अंतिम लिस्ट जारी करने के बाद देखा गया कि इस सूची से 19 लाख लोग बाहर हो गए हैं. इसमें ज्यादातर हिंदू हैं. यहां के मूल निवासी या यूं कहें आदिवासी लोग.

वहीं कई लोगों में यह डर भी है कि CAA लागू होने के बाद देश के सभी नागरिकों को अपनी नागरिकता का प्रमाण देने के लिए पुराने दस्तावेज जमा कराने होंगे.

पीएम मोदी ने रविवार को रामलीला मैदान से सभी सवालों के सिलसिलेवार जवाब दिए हैं.

सवाल- CAA आने के बाद NRC लागू होगा. NRC के तहत अगर कोई हिंदू अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाएगा तो उसे CAA के तहत यहां का नागरिक मान लिया जाएगा, लेकिन मुस्लिमों को धर्म की वजह से यहां का नागरिक नहीं माना जाएगा?

पीएम का जवाब- जो इस देश की मिट्टी के मुसलमान हैं, जिनकी पुरखे मां भारती की ही संतान थे, उन पर नागरिकता कानून और NRC दोनों का ही कोई लेना-देना नहीं है. सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट, किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं बल्कि नागरिकता देने के लिए है. हमारे तीन पड़ोसी देशों के वो अल्पसंख्यक, जो अत्याचार की वजह से वहां से भागकर भारत आने को मजबूर हुए हैं, उन्हें इस एक्ट में कुछ रियायतें दी गई हैं, कुछ ढील दी गई हैं.उन्होंने कहा कि मैंने किसी भी काम में लोगों के साथ भेदभाव नहीं किया. मैं विपक्ष को खुली चुनौती देता हूं कि मेरे किसी भी काम में भेदभाव खोजकर दिखाएं.’

वहीं एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि हमने अभी इस बारे में कोई जिक्र ही नहीं किया है. असम में हमने एनआरसी लागू नहीं किया था, जो भी हुआ वो सुप्रीम कोर्ट के कहने पर हुआ.सवाल- अवैध मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा?

पीएम का जवाब: कांग्रेस और उसके साथी, शहरों में रहने वाले पढ़े लिखे नक्सली -अर्बन नक्सल, ये अफवाह फैला रहे हैं कि सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा. कुछ तो अपनी शिक्षा की कद्र करिए. एक बार पढ़ तो लीजिए नागरिकता संशोधन एक्ट है क्या, NRC है क्या? अब भी जो भ्रम में हैं, मैं उन्हें कहूंगा कि कांग्रेस और अर्बन नक्सलियों द्वारा उड़ाई गई डिटेंशन सेंटर की अफवाह सरासर झूठ है. सवाल- लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कागजात जमा कराने होंगे?

पीएम का जवाब- आज जो ये लोग कागज-कागज, सर्टिफिकेट-सर्टिफिकेट के नाम पर मुस्लिमों को भ्रमित कर रहे हैं, उन्हें ये याद रखना चाहिए कि हमने गरीबों की भलाई के लिए इन योजनाओं के लाभार्थी चुनते समय कभी भी कागजों की बंदिशें नहीं लगाईं. वरना पहले तो ये होता था कि सरकार की योजना शुरू होने पर लाभार्थियों को तमाम तरह की तिकड़में लगानी पड़ती थीं, यहां-वहां चक्कर काटने पड़ते थे ताकि सरकारी लिस्ट में नाम जुड़ जाये.

हमने ये सब बंद करा दिया. हमने तय किया की हर योजना का लाभ हर ग़रीब को मिलेगा.

दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम आज भारत में चल रही है. इस योजना ने देश के 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित की है. राजनीतिक स्वार्थ के कारण, यहां की सरकार ने आयुष्मान भारत योजना दिल्ली में लागू नहीं की.

इस योजना में तो किसी से नहीं पूछा जा रहा कि पहले आप अपना धर्म बताइए, फिर आपका इलाज शुरू किया जाएगा. फिर ऐसे झूठे आरोप क्यों, इस तरह के आरोपों के बहाने, भारत को दुनिया भर में बदनाम करने की साजिश क्यों?

CAA पर पीएम मोदी की विपक्ष को खुली चुनौती- मेरे किसी भी काम में भेदभाव खोजकर दिखाएं

सवाल- भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार को दिल्ली के जामा मस्जिद पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने यह कहते हुए CAA का विरोध किया कि इस बिल से हिंदू दलितों का नुकसान होगा, क्योंकि दूसरे देशों से शरणार्थी आएंगे..

पीएम का जवाब- पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग CAA को गरीबों के खिलाफ बता रहे हैं, कह रहे हैं कि जो लोग आएंगे वो यहां के गरीबों का हक़ छीन लेंगे. अरे झूठ फैलाने से पहले कम से कम गरीबों पर तो दया करो भाई. पाकिस्तान से जो शरणार्थी आए हैं उसमें से अधिकतर दलित परिवार से हैं. वहां आज भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार होता है. वहां बेटियों के साथ अत्याचार होता है, जबरन शादी करके उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है. ये इसलिए किया जाता है कि उनकी आस्था, पूजा पद्धति अलग है. ऐसे शोषण के कारण ही वो भारत आए और देश के अलग अलग कोनो में रह रहे हैं. मैं दलित राजनीति करने का दावा करने वालों से भी पूछना चाहता हूं कि आप इतने वर्षों से चुप क्यों थे, आपको इन दलितों की तकलीफ कभी क्यों नहीं दिखाई दी.

आज जब इन दलितों के जीवन की सबसे बड़ी चिंता दूर करने का काम मोदी सरकार कर रही है तो आपके पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे हैं?

ये एक्ट उन लोगों पर लागू होगा जो बरसों से भारत में ही रह रहे हैं. किसी नए शरणार्थी को इस कानून का फायदा नहीं मिलेगा. लोग झूठ बोल रहे हैं कि यह कानून पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना की वजह से आए लोगों को सुरक्षा देने के लिए है.

रिफ्यूजी का जीवन क्या होता है, बिना किसी कसूर के अपने घरों से निकाल देने का दर्द क्या होता है, ये दिल्ली से बेहतर कौन समझ सकता है? यहां का कोई कोना ऐसा नहीं है, जहां बंटवारे के बाद किसी रिफ्यूजी का, बंटवारे से अल्पसंख्यक बने भारतीय का आंसू ना गिरा हो. सड़क पर हो रहा ये बवाल उन आंसुओं का अपमान है. सवाल- कांग्रेस सहित सभी बड़े विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि नागरिकता संशोधन कानून में मुस्लिम धर्म के धार्मिक पीड़ितों को शामिल नहीं करना संविधान की भावना के खिलाफ है?

पीएम का जवाब: पीएम मोदी ने इस सवाल के जवाब में महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा, ‘उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख साथियों को जब लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है. ये रियायत तब की भारत सरकार के वादे के मुताबिक है, जो बंटवारे के कारण उस समय अल्पसंख्यक बने करोड़ों भारतीयों के साथ आज से 70 साल पहले किया गया था.’

पीएम मोदी ने आगे कहा, मनमोहन सिंह जी ने संसद में खड़े होकर कहा था कि हमें बांग्लादेश से आए उन लोगों को नागरिकता देनी चाहिए जिनका अपनी आस्था की वजह से वहां पर उत्पीड़न हो रहा है, जो वहां से भाग कर भारत आ रहे हैं. एक दौर था जब असम के पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के दिग्गज नेता तरुण गोगोई जी भी चिट्ठियां लिखा करते थे, असम कांग्रेस में प्रस्ताव पास हुआ करते थे कि जिन लोगों पर बांग्लादेश में अत्याचार हो रहा है, जो वहां से हमारे यहां आ रहे हैं, उनकी मदद की जाए. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी मांग करते थे कि जो हिंदू या सिख पाकिस्तान से भागकर यहां आए हैं, उनकी स्थिति सुधारी जाए.

Bhagwan ne janam, Modi ne zindagi: Shivraj Singh Chouhan hails CAA, compares PM to God

Amid protests across the country over the new citizenship law, former Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan on Monday compared Prime Minister Narendra Modi to God for enabling Indian citizenship for persecuted minorities.

Hailing the government over its push to the Citizenship Amendment Act (CAA), Shivraj Singh Chouhan on Friday said, “Narendra Modi has emerged as a God for those who were persecuted and living in hell.”

“Bhagwan ne jeewan diya, maa ne janam diya, lekin Narendra Modi ji ne fir se zindagi di hai [God gave life, mother gave birth but Narendra Modiji gave them a new life],” Shivraj Singh Chouhan said in Jaipur as he spoke on the Citizenship Amendment Act.Prime Minister Narendra Modi had on Sunday appealed to people not to indulge in violence as maintained that the new citizenship law and the NRC have nothing to do with Indian Muslims.

Defending the contentious law, PM Modi had said at a Delhi rally that it is about giving rights to persecuted minorities from neighbouring countries and does not snatch anybody’s rights.

On the National Register of Citizens, PM Modi had sought to allay apprehensions, especially among Muslims, saying his government never discussed it since coming to power for the first time in 2014. “Since my government first came to power in 2014, I want to tell 130 crore countrymen, there has never been a discussion on this NRC,” PM Modi had said, as he noted that it was done only in Assam due to a Supreme Court order.

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