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ज़ी न्यूज के संपादक की परेशानी बढ़ी, सांसद महुआ मोइत्रा ने ठोका मानहानि का मुकदमा

नई दिल्ली 17 जुलाई 2019 । रिश्वत के आरोपों में जेल गए ज़ी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी फिर से परेशानी में घिर गए हैं. दरअसल चैनलों की पत्रकारिता जिस धारा की तरफ चल रही वहां पत्रकारों की बड़ी तादाद सरकार के नुमाइंदे की तरह काम कर रही है. इसे यूं भी कहा जा सकता है कि चैनलों के एंकर अब भाजपा के प्रवक्ता की हैसियत से ही ज्यादा बोलते-बतियाते हैं. वे सरकार से सवाल करने से घबराते हैं और सरकार के सांप्रदायिक एजंडे को आगे बढ़ाने में लगे हैं. रोज बहस के नाम पर हिंदू-मुसलमान का राग चैनलों पर अलापा जा रहा है. जनहित के मुद्दे चैनलों से गायब हैं और सरा खेल टीआरपी के लिए रचा जा रहा है. ज़ी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी ने महुआ मोइत्रा के संसद में दिए गए बयान पर जिस तरह का शोध किया था, उससे उनकी परेशानी बढ़ गई है. सुधीर चौधरी और उनकी टीम ने राष्ट्रपति के दिए अभिभाषण पर महुआ मोइत्रा के संसद में दिए गए सारगर्भित भाषण को चोरी का बता दिया था. दरअसल महुआ मोइत्रा के संसद में दिए उस भाषण की खूब चर्चा हुई थी. लेकिन ज़ी न्यूज को यह बात नागवार गुजरी.

नागवार गुजरने के पीछे महुआ मोइत्रा का वह सवाल माना जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार चैनलों को अथाह पैसा दे रही है. लेकिन कितना दे रही है सूचना व प्रसारण मंत्रालय नहीं बता रहा है. सिर्फ यह कहा जा रहा है कि सरकार ने प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया को 5246 करोड़ रुपए विज्ञापन के तौर पर दिए. महुआ मोइत्रा ने संसद में लिखित में यह सवाल रखा है इसलिए सरकार को भी लिखित में ही यह जवाब संसद सत्र में देना होगा. ज़ी न्यूज को यह बात अच्छी नहीं लगी. माना जा रहा है अरबों रुपए ज़ी न्यूज को दिए गए. सार्वजनिक उपक्रमों के पैसे इन चैनलों को दिए गए हैं, महुआ मोइत्रा ने उनकी आमदनी पर सवाल उठाया है तो उनके पेट में मरोड़ उठना लाजमी है. इसी वजह से ज़ी न्यूज ने उन पर कंटेंट चोरी का आरोप लगाया. लेकिन यह चोरी का आरोप एक दिन भी टिक नहीं पाया. जिन मर्टिन लांगमैन के वाशिंगटन पोस्ट में लिखे लेख से महुआ मोइत्रा पर चोरी का आरोप लगाया गया था उन्हीं मर्टिन लांगमैन ने सुधीर चौधरी के झूट का पर्दाफाश कर डाला. बाकायदा ट्वीट कर उन्होंने महुआ मोइत्रा का बचाव किया. बाद में उन्होंने इस पर लेख भी लिखा.

अब तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने ज़ी न्यूज़ के संपादक सुधीर चौधरी पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया है. चौधरी ने अपने कार्यक्रम में दावा किया था कि 25 जून को संसद में ‘फासीवाद के लक्षणों’ पर दिया गया उनका भाषण ‘चुराया हुआ’ था. बार एंड बेंच की खबर के मुताबिक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रीती परेवा ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी सुनवाई 20 जुलाई को तय की है. महुआ मोइत्रा का बयान भी इसी दिन दर्ज किया जाएगा. महुआ मोइत्रा ने 25 जून को संसद में फासीवाद पर भाषण दिया था. जिसके बाद प्राइम टाइम पर आने वाले अपने कार्यक्रम में सुधीर चौधरी ने कहा था कि महुआ का भाषण मार्टिन लांगमैन के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर लिखे गए लेख से ‘चुराया हुआ’ था. उन्होंने यह भी कहा था कि यह महुआ के अपने विचार नहीं थे बल्कि उन्होंने इसे ‘कॉपी-पेस्ट’ किया था. वहीं मार्टिन लांगमैन ने ट्विटर पर चौधरी के इस दावे को ख़ारिज करते हुए कहा था कि महुआ ने स्पष्ट बताया था कि उनका भाषण यूएस होलोकॉस्ट म्यूजियम में देखे गए एक पोस्टर से प्रेरित था. महुआ के वकील शादान फरासत ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल ने बताया था कि उनका भाषण उस पोस्टर से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि पोस्टर में फासीवाद के 14 लक्षणों में से मोइत्रा ने सात चुने और भारत के परिप्रेक्ष्य में उन्हें जोड़ा. इसके बाद मजिस्ट्रेट ने उन्हें सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख दी.

इससे पहले महुआ मोइत्रा ने चार जुलाई को लोकसभा में सुधीर चौधरी के खिलाफ गलत रिपोर्टिंग को लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया था लेकिन इसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने खारिज कर दिया था. महुआ मोइत्रा के मुताबिक वे संविधान में दी गई अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करती हैं, लेकिन उन्हें फेक न्यूज़ की ताकत का भी अंदाजा है. महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि सुधीर ने लोगों में उनके बारे में गलत जानकारी का प्रसार किया. मोइत्रा ने कहा कि उनके भाषण फासीवाद के सात चिन्ह को चोरी का भाषण कहते हुए टीवी पर प्रसारित किया गया. 25 जून को संसद में मोइत्रा के भाषण को सुधीर चौधरी ने अपने प्राइम टाइम कार्यक्रम में विदेशी राजनेता के भाषण की चोरी कहते हुए प्रसारित किया था.

वकील ने मजिस्ट्रेट को बताया कि मोइत्रा ने पोस्टर के संदर्भ में अपने भाषण के दौरान जानकारी दी थी. उन्होंने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि सुधीर ने अपने कार्यक्रम में भाषण को नफरत से भरा भाषण करार दिया और उसे कॉपी-पेस्ट कहते हुए प्रसारित किया. पूर्व निवेश बैंकर और अब सांसद महुआ का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन में दिया गया भाषण सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था.

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